नेहा बोरा के मंदिरों और पुजारियों पर बयान से विवाद, संसद मार्ग थाने में शिकायत; चिराग पासवान ने भी जताई आपत्ति

नेहा बोरा के मंदिरों और पुजारियों पर बयान से विवाद, संसद मार्ग थाने में शिकायत; चिराग पासवान ने भी जताई आपत्ति

नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा की मंदिरों और पुजारियों को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद गहराता जा रहा है। उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस मामले में नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने बयान को धार्मिक समुदाय की छवि प्रभावित करने वाला बताते हुए पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने भी नेहा बोरा की टिप्पणी की आलोचना की है। इस विवाद के बीच बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है।

नेहा बोरा के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत

नेहा बोरा के बयान को लेकर वकील अमिता सचदेवा ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शिकायत से जुड़ी जानकारी साझा की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंदिरों में पुजारियों द्वारा महिलाओं के साथ दुष्कर्म किए जाने संबंधी व्यापक टिप्पणी से एक धार्मिक समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है।

शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इस तरह के बयान से सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह शिकायत है, इस पर पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई या प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल वीडियो में नेहा बोरा ने क्या कहा?

मंगलवार, 3 नवंबर को नेहा बोरा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। वीडियो में वह ब्राह्मणवादी व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यवस्था में गरीबों, शूद्रों और महिलाओं को प्रताड़ित किया जाता है, उससे महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत है।

वीडियो में नेहा बोरा ने यह भी कहा कि इस व्यवस्था में ब्राह्मण महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। इसी दौरान उन्होंने मंदिरों के भीतर पुजारियों द्वारा दुष्कर्म की घटनाएं होने का आरोप लगाया। अपनी टिप्पणी के समर्थन में उन्होंने उन्नाव और कठुआ की घटनाओं का भी उल्लेख किया। वीडियो सामने आने के बाद उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

चिराग पासवान ने बयान को बताया समाज को बांटने वाला

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नेहा बोरा की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महिलाओं, ब्राह्मणवाद और सनातन धर्म को लेकर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह समाज को बांटने वाली राजनीति को दर्शाता है।

पासवान ने कहा कि आज भी जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी समाज को एकजुट करने वाले उदाहरण प्रस्तुत करना है। उन्होंने इस तरह की राजनीति की तुलना अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति से की।

बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर साधा निशाना

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी नेहा बोरा के वायरल वीडियो को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए नेहा बोरा की टिप्पणी की आलोचना की। भंडारी ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान हिंदू धर्म के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाते हैं।

उन्होंने नेहा बोरा को राहुल गांधी से प्रेरित बताते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी की मंदिरों में महिलाओं से छेड़छाड़ संबंधी कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। हालांकि, ये बीजेपी नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप हैं।

यमुना पाठक ने कहा- अपराध को जाति से जोड़ना उचित नहीं

विश्व हिंदू रक्षा परिषद की महिला अध्यक्ष यमुना पाठक ने भी नेहा बोरा के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म किसी व्यक्ति का अपराध है और इसे किसी पूरी जाति या समुदाय की पहचान नहीं बनाया जाना चाहिए।

यमुना पाठक ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लेख करते हुए समानता, भेदभाव के निषेध और मानवीय गरिमा की बात कही। उन्होंने सवाल उठाया कि अपराध करने वाले व्यक्ति और निर्दोष लोगों के बीच अंतर किए बिना पूरे पुजारी समुदाय को कठघरे में खड़ा करना कितना उचित है।

नेहा बोरा के पुराने वीडियो से शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी और पुलिस शिकायत तक पहुंच गया है। एक ओर शिकायतकर्ता ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेता उनकी टिप्पणी की आलोचना कर रहे हैं। फिलहाल मामले में पुलिस की जांच या आधिकारिक कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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