औरंगाबाद, बिहार: भारतीय सेना में तीन दशकों तक देश की सेवा करने के बाद ग्राम बहुआरा निवासी नाइक सूबेदार डीके सिंह 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मानजनक रिटायरमेंट के अवसर पर विदाई समारोह आयोजित किया गया, जहां सेना के जवानों और साथियों ने जयकारों के साथ उन्हें भावभीनी विदाई दी।
गरीबी में बीता बचपन, संघर्ष से हासिल किया मुकाम
डीके सिंह का बचपन आर्थिक कठिनाइयों के बीच बीता। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की। उन्होंने 16 वर्ष की आयु में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की।
इसके बाद 28 अगस्त 1996 को वे भारतीय सेना में भर्ती हुए। सेना में शामिल होने के साथ ही उन्होंने देश की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। कठिन परिस्थितियों से निकलकर सेना तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जा रहा है।
30 वर्षों तक निभाई सैन्य जिम्मेदारी
भारतीय सेना में अपने लंबे सेवाकाल के दौरान डीके सिंह ने विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। करीब 30 वर्षों तक उन्होंने अनुशासन और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।
उनके साथियों के अनुसार, उन्होंने सेवा के दौरान कर्तव्य को हमेशा प्राथमिकता दी। कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और हिम्मत बनाए रखते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। लंबे सैन्य सेवाकाल के दौरान उनका व्यवहार और कार्यशैली साथियों के लिए प्रेरणादायक रही।
जयकारों के साथ दी गई भावभीनी विदाई
सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित विदाई समारोह में सेना के जवानों और साथियों ने डीके सिंह को सम्मानपूर्वक विदाई दी। इस दौरान जयकारों के बीच उनके लंबे सेवाकाल को याद किया गया।
साथियों ने कहा कि डीके सिंह ने हमेशा अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी जिम्मेदारियों से पीछे हटने के बजाय पूरे समर्पण के साथ सेवा की।
बहुआरा गांव और औरंगाबाद में गर्व का माहौल
डीके सिंह की सेवानिवृत्ति से उनके पैतृक गांव बहुआरा सहित पूरे औरंगाबाद जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
30 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद डीके सिंह अब अपने सैन्य जीवन से विदा हुए हैं। उनकी सेवा यात्रा परिवार और गांव के लिए गौरव का विषय बनी हुई है।

