MOCP गोल्डन गोकुल पार्क में जलजमाव से पशुपालक परेशान
धनबाद/झरिया। MOCP गोल्डन गोकुल पार्क के पहाड़ी क्षेत्र में जलजमाव के कारण स्थानीय लोगों और पशुपालकों की परेशानी बढ़ गई है। रास्ते में पानी जमा होने से खासकर गाय-भैंस पालने वाले लोगों को अपने रोजमर्रा के कामकाज और आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की परेशानी की जानकारी मिलने के बाद झरिया विधायक रागिनी सिंह ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित एजेंट को मौके पर बुलाकर स्थिति की जानकारी ली।
मौके पर एजेंट को बुलाकर लिया जलजमाव का जायजा
जनसमस्या की जानकारी मिलने के बाद विधायक ने संबंधित एजेंट को मौके पर बुलाया। उन्होंने जलजमाव वाले क्षेत्र का जायजा लेते हुए समस्या के कारण और इसके समाधान को लेकर जानकारी ली।
विधायक ने निर्देश दिया कि जलजमाव की समस्या का जल्द समाधान किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों और पशुपालकों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
अस्थायी व्यवस्था नहीं, स्थायी समाधान पर जोर
रागिनी सिंह ने स्पष्ट किया कि केवल कुछ समय के लिए पानी हटाने या अस्थायी व्यवस्था करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने जल निकासी की समुचित व्यवस्था कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने संबंधित एजेंट और कर्मियों से समस्या के समाधान की दिशा में तेजी से काम करने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि समस्या के समाधान में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रागिनी सिंह बोलीं- जनता की परेशानी का समाधान प्राथमिकता
रागिनी सिंह ने कहा कि क्षेत्र की जनता को किसी भी तरह की परेशानी होती है और इसकी जानकारी जनप्रतिनिधि तक पहुंचती है, तो उसका त्वरित समाधान उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि गोल्डन गोकुल पार्क के पहाड़ी क्षेत्र में जलजमाव के कारण पशुपालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसी को देखते हुए संबंधित एजेंट को मौके पर बुलाकर जल्द से जल्द स्थायी समाधान का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती, तब तक कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सुरक्षित आवागमन और मूलभूत सुविधाओं पर जोर
विधायक ने कहा कि क्षेत्रवासियों की सुविधा, सुरक्षित आवागमन और मूलभूत समस्याओं का समय पर समाधान जरूरी है। उन्होंने संबंधित कर्मियों को संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए जलजमाव की समस्या के समाधान में तेजी लाने का निर्देश दिया।
अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कब तक पूरी होती है और उन्हें जलजमाव की समस्या से कब राहत मिलती है।

