धनबाद। धनबाद और बोकारो को जोड़ने वाले केंदुआ-राजपूत बस्ती मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर धनबाद विधायक और झारखंड विधानसभा के सचेतक राज सिन्हा ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विधायक ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में देरी को लेकर बीसीसीएल के महाप्रबंधक को पत्र लिखा है।
राज सिन्हा ने सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को तीन दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि तय समय के भीतर काम शुरू नहीं हुआ तो जनता के हित में दोबारा आंदोलन किया जाएगा।
सड़क की बदहाली से लोग परेशान
विधायक के अनुसार, केंदुआ-राजपूत बस्ती मुख्य मार्ग की स्थिति काफी खराब हो गई है। सड़क की बदहाली के कारण आम लोगों, स्कूली बच्चों, राहगीरों, स्थानीय कारोबारियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले आंदोलन और जनदबाव के बाद सड़क की खुदाई कर मरम्मत का काम शुरू किया गया था। हालांकि, करीब एक महीने बाद भी निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई है।
राज सिन्हा ने कहा कि दुर्गापूजा समेत कई महत्वपूर्ण पर्व सामने हैं। ऐसे में सड़क का समय पर चालू नहीं होना लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहा है।
विधायक बोले- अब आश्वासन नहीं, जमीन पर काम चाहिए
राज सिन्हा ने कहा कि सड़क की समस्या को लेकर पहले भी कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें की गईं। इस मुद्दे पर आंदोलन भी हुए, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला।
उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। बीसीसीएल प्रबंधन को मौके पर निर्माण कार्य तेज करना होगा और सड़क को निर्धारित समयसीमा में आवागमन के योग्य बनाना होगा।
विधायक ने अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की समीक्षा करने तथा पर्याप्त संसाधन और मजदूर लगाकर काम में तेजी लाने का आग्रह किया है।
उपायुक्त और SSP समेत अधिकारियों को भेजी पत्र की कॉपी
राज सिन्हा ने बीसीसीएल महाप्रबंधक को लिखे पत्र की प्रतिलिपि धनबाद उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक, अनुमंडलाधिकारी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी है।
उन्होंने कहा कि केंदुआ-राजपूत बस्ती मुख्य मार्ग हजारों लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। इसलिए सड़क निर्माण में हो रही देरी को दूर करना जरूरी है।
तीन दिन बाद आंदोलन की चेतावनी
राज सिन्हा ने बीसीसीएल प्रबंधन को चेतावनी दी कि तीन दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य जोर-शोर से शुरू नहीं हुआ और काम की रफ्तार नहीं बढ़ी तो जनता के हित में आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और बीसीसीएल की कोयला परिवहन व्यवस्था के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
विधायक ने यह भी कहा कि यदि तीन दिनों के भीतर सड़क निर्माण कार्य तेज गति से शुरू नहीं हुआ तो कोयला लदी गाड़ियों को रोकने का आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना कोयला परिवहन निर्बाध रूप से नहीं चल सकता।

