धनबाद। केंदुआडीह बस्ती में करम पूजा महोत्सव धूमधाम और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेत्री श्रीमती अनुपमा सिंह शामिल हुईं। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
करम पूजा के अवसर पर बस्ती में उत्सव जैसा माहौल रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और पारंपरिक आस्था के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया।
अनुपमा सिंह ने की सुख-समृद्धि की कामना

कार्यक्रम में शामिल अनुपमा सिंह ने करम देव की पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्र के लोगों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि करम पर्व हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति के प्रति आस्था और सामाजिक भाईचारे का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यह पर्व लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।
आदिवासी संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण पर जोर
अनुपमा सिंह ने कहा कि करम पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के बीच गहरे संबंध को दर्शाने वाला पर्व भी है। इस पर्व के माध्यम से सामूहिकता, आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता का संदेश मिलता है।
उन्होंने कहा कि अपनी लोक परंपराओं, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण योगदान है।
आयोजन में स्थानीय लोगों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
करम पूजा महोत्सव की साफ-सफाई और आयोजन की व्यवस्था में स्थानीय लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रेम कुमार, रवि महतो, आकाश महतो, विवेक महतो और पप्पू महतो सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजन से जुड़े लोगों ने पूजा की तैयारियों से लेकर कार्यक्रम की व्यवस्था तक जिम्मेदारियां संभालीं। स्थानीय लोगों की सहभागिता से समारोह शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
पूरे क्षेत्र में बना रहा उत्सव का माहौल
करम पूजा के दौरान केंदुआडीह बस्ती में श्रद्धा और उल्लास का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
लोगों ने पारंपरिक आस्था के साथ पूजा में हिस्सा लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन ने सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
