जेआरडीए की भूमि का डीडीसी सन्नी राज ने किया स्थलीय निरीक्षण
धनबाद। उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (जेआरडीए) के अधीन विभिन्न क्षेत्रों में स्थित भू-संपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास योजनाओं की प्रगति, भूमि प्रबंधन और चिन्हित भूखंडों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को भूमि से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
सभी भूखंडों के शत-प्रतिशत सत्यापन का निर्देश
उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने जेआरडीए अधिकारियों को प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाली सभी भूमियों का राजस्व अभिलेखों से मिलान कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सभी भूखंडों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भूमि से संबंधित वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही भू-अभिलेखों और स्थल पर उपलब्ध भूमि का मिलान कर आवश्यक रिकॉर्ड तैयार करने पर जोर दिया गया।
पुनर्वास के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा रोकने का आदेश
स्थलीय निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने चिन्हित भूखंडों की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पुनर्वास के लिए आरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं होना चाहिए।
अधिकारियों को भूमि की निगरानी और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक कदम उठाने को कहा गया, ताकि भविष्य में पुनर्वास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने पर जोर
उप विकास आयुक्त ने भूमि से संबंधित सभी प्रशासनिक औपचारिकताओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दस्तावेजी प्रक्रिया, भूमि सत्यापन और अन्य आवश्यक कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन का उद्देश्य पुनर्वास योजनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना और प्रभावित परिवारों के लिए आवश्यक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
अग्नि और भू-धंसान प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर फोकस
जेआरडीए के अधीन भूमि का निरीक्षण अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया से भी जुड़ा है।
उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि प्रबंधन और सत्यापन से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
निरीक्षण के दौरान झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण तथा जिला प्रशासन के संबंधित पदाधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।

