झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। राजधानी रांची में प्रदर्शन के दौरान एक युवक का बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। युवक ने दावा किया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के कहने पर आंदोलन में शामिल होने रांची पहुंचा, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी का असर उनके निजी जीवन पर भी पड़ रहा है।
युवक ने कहा कि यह सिर्फ उसकी व्यक्तिगत कहानी नहीं, बल्कि झारखंड के हजारों प्रतियोगी छात्रों की पीड़ा को दर्शाता है, जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में देरी का निजी जीवन पर असर
प्रदर्शन में शामिल युवक शशिकांत वर्मा ने बताया कि उसकी प्रेमिका जेपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार देरी और कथित अनियमितताओं के कारण अभ्यर्थियों की उम्र बढ़ती जा रही है, जिससे कई युवाओं के निजी और पारिवारिक जीवन पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
युवक के अनुसार, उसकी प्रेमिका के परिवार की ओर से शादी का दबाव बढ़ रहा है और इसी वजह से उसने उसे आंदोलन में शामिल होकर आवाज उठाने की सलाह दी। हालांकि, उसने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल उसके रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी प्रतियोगी छात्रों से जुड़ा सार्वजनिक विषय है।
‘यह हर अभ्यर्थी की लड़ाई है’
मीडिया से बातचीत में युवक ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत समस्या का समाधान नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारों युवा लंबे समय से परीक्षाओं और नियुक्तियों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और कथित गड़बड़ियों के कारण युवाओं के करियर की दिशा प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर सभी अभ्यर्थियों को एकजुट होकर अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए।
सरकार और व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान युवक ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल अच्छी नीयत की बात करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि युवाओं को समय पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और नियुक्ति मिलनी चाहिए।
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि प्रतियोगी छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाए ताकि संबंधित पक्ष इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें। प्रदर्शन में शामिल अन्य छात्रों ने भी भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
आंदोलन के बीच इस्तीफे का भी किया दावा
शशिकांत वर्मा ने बातचीत के दौरान यह भी दावा किया कि उन्होंने हाल ही में एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल में राज्य प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दिया है। हालांकि, उन्होंने पार्टी का नाम सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों के समर्थन में खड़ा होना अधिक आवश्यक है।
फिलहाल जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच, युवक का बयान सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

