JMM नेता विनोद पांडेय ने राजनीतिक दलों को मिले चंदे पर उठाए सवाल, ED-CBI की चुप्पी पर मांगा जवाब

JMM नेता विनोद पांडेय ने राजनीतिक दलों को मिले चंदे पर उठाए सवाल, ED-CBI की चुप्पी पर मांगा जवाब

गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों के खातों में करोड़ों रुपये होने का दावा

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय सचिव विनोद पांडेय ने देश में पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मिलने वाले कथित करोड़ों रुपये के चंदे को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

विनोद पांडेय ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में राजनीतिक दल पंजीकृत हैं, जिनमें कई दल गैर-मान्यता प्राप्त श्रेणी में आते हैं। उनके मुताबिक, इनमें से कुछ पार्टियों की राजनीतिक गतिविधियां सार्वजनिक तौर पर दिखाई नहीं देतीं, इसके बावजूद उनके खातों में बड़ी रकम होने की जानकारी सामने आई है।

उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की जरूरत बताते हुए संबंधित एजेंसियों से कार्रवाई को लेकर सवाल किया।

करोड़ों के चंदे को लेकर क्या बोले विनोद पांडेय?

JMM नेता ने दावा किया कि वर्ष 2023-24 में कुछ गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सैकड़ों करोड़ रुपये का चंदा मिला। उन्होंने कहा कि मीडिया में सामने आई रिपोर्टों में कुछ ऐसी पार्टियों का उल्लेख है, जिनके खातों में करोड़ों रुपये होने की बात कही गई है।

विनोद पांडेय ने एक पार्टी का उदाहरण देते हुए कहा कि ‘लोक साही सत्ता पार्टी’ को वर्ष 2023-24 में करीब 1,045 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कई पार्टियों के बारे में रिपोर्ट सामने आई है।

हालांकि, इन आंकड़ों और संबंधित राजनीतिक दलों की फंडिंग को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।

राजनीतिक गतिविधियां नहीं होने के बावजूद फंडिंग पर उठाया सवाल

विनोद पांडेय ने सवाल उठाया कि जिन राजनीतिक दलों को बड़ी मात्रा में चंदा मिलने की बात कही जा रही है, उनकी राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी भागीदारी सार्वजनिक रूप से कितनी दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई पार्टी चुनाव नहीं लड़ती या उसकी सक्रिय राजनीतिक गतिविधियां नजर नहीं आतीं, तो उसके खाते में इतनी बड़ी रकम आने और उसके खर्च का हिसाब दिए जाने की प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए।

JMM नेता ने दावा किया कि कुछ दलों ने बड़ी रकम खर्च किए जाने का विवरण भी संबंधित विभागों को दिया है। उन्होंने इसी आधार पर राजनीतिक फंडिंग की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग उठाई।

ED-CBI और आयकर विभाग से विनोद पांडेय का सवाल

विनोद पांडेय ने कहा कि विभिन्न मामलों में जांच के लिए अक्सर ED और CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका सामने आती है। ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि राजनीतिक दलों को मिले कथित हजारों करोड़ रुपये के चंदे के मामले में इन एजेंसियों ने अब तक क्या संज्ञान लिया है।

उन्होंने चुनाव आयोग और आयकर विभाग से भी जवाब मांगा। उनका कहना है कि यदि राजनीतिक दलों की फंडिंग को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तो संबंधित संस्थाओं को इसकी जांच करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक चंदे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी वित्तीय पारदर्शिता भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।

मनी लॉन्ड्रिंग और राजनीतिक फंडिंग को लेकर जांच की मांग

JMM केंद्रीय सचिव ने सवाल उठाया कि कहीं राजनीतिक दलों को मिलने वाली इतनी बड़ी रकम का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तो नहीं हो रहा है। उन्होंने चंदा देने वाले लोगों और संस्थाओं की पहचान तथा रकम के स्रोत की जांच किए जाने की मांग की।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं ऐसे धन का इस्तेमाल राजनीतिक खरीद-फरोख्त जैसी गतिविधियों में तो नहीं किया जा रहा है। हालांकि, यह सवाल उन्होंने आशंका के तौर पर उठाया है और इसके समर्थन में कोई निष्कर्ष या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

विनोद पांडेय ने जांच एजेंसियों से पूरे मामले की पड़ताल करने और यदि कोई वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

चुनाव आयोग और जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग

विनोद पांडेय ने कहा कि उन्होंने यह मुद्दा इसलिए उठाया है क्योंकि राजनीतिक दलों की फंडिंग में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने चुनाव आयोग, आयकर विभाग, ED और CBI से कथित बड़े चंदे और उसके स्रोत की जांच करने की मांग की। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि यदि इन राजनीतिक दलों को बड़ी रकम मिल रही है तो उनकी गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की निगरानी किस स्तर पर हो रही है।

फिलहाल, विनोद पांडेय द्वारा उठाए गए इन सवालों के आधार पर संबंधित राजनीतिक दलों, चुनाव आयोग या केंद्रीय जांच एजेंसियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं है।

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