धनबाद। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव और धनबाद जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR की प्रक्रिया में कथित विसंगतियों और मतदाताओं को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन चला रही है। इसी क्रम में 28 सितंबर को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया जाएगा। रांची में निर्वाचन आयोग के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित करने की भी बात कही गई।
SIR की प्रक्रिया में बदलाव से भ्रम का कांग्रेस का आरोप
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देशों और प्रक्रिया में बदलाव होते रहे। कांग्रेस का कहना है कि इससे BLO, BLA और आम मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया शुरू से स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से लागू की जानी चाहिए थी। कांग्रेस नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि कई ऐसे मतदाताओं को भी नोटिस दिए गए, जिनकी पुरानी मतदाता सूची से मैपिंग हो चुकी थी।
पार्टी का दावा है कि कुछ मामलों में ऐसी त्रुटियों को मानवीय या मैनुअल गलती माना गया, लेकिन इसके बावजूद संबंधित मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है।
ASDD सूची और नोटिस को लेकर भी सवाल
कांग्रेस ने ASDD यानी Absent, Shifted, Dead और Duplicate श्रेणी में शामिल मतदाताओं को लेकर भी चिंता जताई। पार्टी का कहना है कि इस सूची में कुछ वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम भी शामिल हो सकते हैं और यदि वे निर्धारित प्रक्रिया में अपना दावा प्रस्तुत नहीं कर पाए तो उनका नाम अंतिम मतदाता सूची से बाहर होने का खतरा है।
झारखंड में 5 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 43,61,987 नाम ASDD श्रेणियों के तहत बाहर हुए थे। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार इनमें मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं के साथ अन्य श्रेणियां भी शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वास्तविक मतदाताओं के नाम केवल दस्तावेज संबंधी परेशानी, मैनुअल त्रुटि या नोटिस नहीं मिलने की वजह से नहीं हटने चाहिए।
नए मतदाताओं को जोड़ने पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने नए पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया। पार्टी ने दावा किया कि बड़ी संख्या में पात्र नए मतदाताओं की तुलना में कम संख्या में Form-6 प्राप्त हुए हैं।
वहीं निर्वाचन आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए Form-6 की सुविधा उपलब्ध है। आयोग के अनुसार 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र भारतीय नागरिक नए मतदाता पंजीकरण के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
कांग्रेस का कहना है कि SIR का उद्देश्य केवल पुराने नामों का सत्यापन या हटाना नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना भी होना चाहिए।
7.8 करोड़ नाम हटाने के दावे पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने देशभर में SIR के पहले और दूसरे चरण में 7.8 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा किया। यह आंकड़ा कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर जारी किए गए दावे से जुड़ा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी 20 सितंबर को यही आंकड़ा सामने रखते हुए SIR पर सवाल उठाए थे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया का असर गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों पर पड़ सकता है। हालांकि, ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं। निर्वाचन आयोग SIR को मतदाता सूची को अद्यतन करने और पात्र मतदाताओं को शामिल करने तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया के रूप में संचालित कर रहा है।
30 सितंबर की जगह 30 नवंबर तक समय बढ़ाने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने झारखंड में SIR की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक बढ़ाने की मांग की। पार्टी का कहना है कि इससे अनसर्व्ड नोटिसों के वितरण, दस्तावेज सत्यापन, सुनवाई और दावों-आपत्तियों के निपटारे के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
निर्वाचन आयोग ने झारखंड में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 किया है। अंतिम मतदाता सूची अब 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है।
कांग्रेस की मांग है कि समयसीमा बढ़ाकर 30 नवंबर की जाए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम प्रक्रिया में जल्दबाजी के कारण प्रभावित न हो।
28 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन
कांग्रेस ने घोषणा की कि 28 सितंबर को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।
धनबाद में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाएगी।
प्रेस वार्ता में रमेश जिंदल, मनोज यादव, शाहिद कमर, योगेंद्र सिंह योगी, कालीचरण यादव, दिनेश यादव, संतोष चौधरी, महेंद्र दुबे, बाबू अंसारी, जहीर अंसारी, मृत्युंजय कुमार सिंह, आशीष सिंह, अरविंद कुमार सैनी, रमेश राय, अजय पांडे, शाहबाज खान और मधुसूदन सिंह चौधरी सहित अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

