रांची। झारखंड में सरकारी नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है, जबकि 17 अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच शुरू करने का फैसला किया गया है।
सरकार के इस फैसले के बाद कई नियुक्ति प्रक्रियाओं पर असर पड़ा है। वहीं, भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से सवाल उठा रहे छात्र संगठनों ने इसे अपने आंदोलन की बड़ी जीत बताया है।
JSSC-CGL समेत कई भर्ती प्रक्रियाओं पर असर
सरकार के फैसले के तहत JSSC-CGL समेत TDPL के जरिए कराई गई भर्ती परीक्षाओं, उनके परिणाम और चयन प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
इस फैसले के बाद इन परीक्षाओं के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है। कई चयनित अभ्यर्थी सरकार के फैसले के विरोध में सामने आए हैं।
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जांच का दायरा भी बढ़ाया गया है। सरकार ने 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच शुरू करने का फैसला लिया है।
14वीं JPSC और बैकलॉग परीक्षाओं पर भी हो चुकी है कार्रवाई
भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग परीक्षाओं को लेकर कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा वन विभाग से जुड़ी कुछ परीक्षाओं की शारीरिक जांच भी स्थगित की गई है। इन फैसलों के बाद राज्य में सरकारी नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर विवाद और तेज हो गया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा को रद्द किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इन परीक्षाओं को रद्द की गई परीक्षाओं की सूची में शामिल करना उचित नहीं होगा।
छात्र संगठनों ने बताया आंदोलन की जीत
सरकार के फैसले के बाद छात्र संगठनों की ओर से इसे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चलाए गए आंदोलन की बड़ी सफलता बताया गया है।
वहीं, दूसरी ओर JSSC-CGL के जरिए नौकरी पाने वाले चयनित अभ्यर्थियों में फैसले को लेकर असंतोष और चिंता देखने को मिल रही है। कई चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले का विरोध किया है।
भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और अन्य परीक्षाओं में जांच शुरू करने के फैसले से झारखंड में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।


