झरिया में मंदिर का रास्ता बाधित होने पर BCCL प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी, पुजारी और ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

झरिया में मंदिर का रास्ता बाधित होने पर BCCL प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी, पुजारी और ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

झरिया: सिद्ध गुरु चैतन्य शक्तिपीठ परिवार श्री श्री मां काली कामेश्वरी धाम, गोल्डन पहाड़ी के प्रांगण में रविवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई। मंदिर के अध्यक्ष दया शंकर तिवारी, सचिव देवकी प्रसाद साव और मुख्य पुजारी वेणु बीपी के नेतृत्व में हुई प्रेस वार्ता में बीसीसीएल प्रबंधन पर मंदिर और आसपास के लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया।

प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में स्थानीय महिला, पुरुष, युवा और भक्त मौजूद रहे। मंदिर के पुजारी और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना विस्तार के कारण क्षेत्र में रास्ते बाधित हो गए हैं। कई स्थानों पर गंदा पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मंदिर को भूमि नहीं मिलने का लगाया आरोप

मुख्य पुजारी वेणु बीपी ने कहा कि लोदना एरिया-10 के अंतर्गत गोल्डन पहाड़ी में स्थित श्री श्री मां काली कामेश्वरी धाम कई दशकों से स्थापित है। यहां झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा सहित अन्य क्षेत्रों से भी श्रद्धालु आते हैं।

उन्होंने बताया कि मंदिर के आसपास पहले करीब 500 परिवार रहते थे। परियोजना विस्तार के दौरान प्रबंधन ने लोगों का पुनर्वास किया, लेकिन मंदिर के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई। पुजारी ने इसे आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया।

उनके अनुसार मंदिर को भूमि उपलब्ध कराने और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा बीसीसीएल महाप्रबंधक से भी संपर्क किया गया। उनका कहना है कि आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

रास्ता बाधित होने से जलजमाव की समस्या

मंदिर प्रबंधन और ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के चारों ओर ओबी डंप और रास्ते की कटिंग के कारण बरसात में पानी जमा हो रहा है। कई जगहों पर पानी कमर से ऊपर तक पहुंचने की बात कही गई है।

ग्रामीणों के अनुसार जलजमाव के कारण आवागमन के साथ-साथ बिजली, पानी और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ठीक नहीं होने पर श्रद्धालुओं को भी परेशानी होगी।

भादो मास के वार्षिक महोत्सव को लेकर चिंता

मंदिर में हर वर्ष भादो मास में वार्षिक पूजा और महोत्सव आयोजित किया जाता है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान भागवत कथा, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इस वर्ष भी महोत्सव की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में यदि समय रहते मंदिर तक आने-जाने का रास्ता दुरुस्त नहीं किया गया तो श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हो सकती है।

मंदिर में प्रत्येक रविवार को संध्याकालीन पूजा और आरती के बाद खीर का भोग लगाया जाता है तथा भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है। इसके अलावा रात्रि में भागवत कथा का आयोजन भी होता है।

‘जब तक मंदिर को जगह नहीं मिलेगी, यहीं रहेंगे’

स्थानीय ग्रामीणों ने एक स्वर में प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मंदिर के लिए उचित स्थान उपलब्ध नहीं कराया जाता, वे इसी क्षेत्र में रहेंगे।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों को पुनर्वास के दौरान मनचाहा आवास मिला, जबकि कई परिवार अब भी समस्याओं के बीच रह रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों पर बीसीसीएल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।

प्रेस वार्ता में धर्मेंद्र प्रसाद, बारमेश्वर प्रसाद, राजमणि देवी, शांति देवी, कल्याणी देवी, आशा देवी, श्रीकांत बाउरी, यमुना देवी, लक्ष्मी देवी, गीत देवी, कविता देवी और नम्रता देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद थे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *