जामताड़ा सदर अस्पताल विवाद: एंबुलेंस से एक्स-रे मशीन ले जाने पर सिविल सर्जन सख्त, जांच के आदेश

जामताड़ा सदर अस्पताल विवाद: एंबुलेंस से एक्स-रे मशीन ले जाने पर सिविल सर्जन सख्त, जांच के आदेश

जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा सदर अस्पताल में एंबुलेंस से एक्स-रे मशीन ले जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल है। इस प्रकरण पर सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मामला उनके संज्ञान में आया है और उपायुक्त के निर्देश पर इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एंबुलेंस से एक्स-रे मशीन ले जाने पर उठे सवाल

जामताड़ा सदर अस्पताल की एंबुलेंस से एक्स-रे मशीन ले जाने की घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एंबुलेंस का इस्तेमाल आमतौर पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए किया जाता है। ऐसे में इसका उपयोग एक्स-रे मशीन ले जाने के लिए किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है।

इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों के इस्तेमाल और संबंधित प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, मशीन को किस उद्देश्य से और किन परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने क्या कहा?

मामले पर जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है। उपायुक्त के निर्देश पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सिविल सर्जन के इस बयान के बाद मामले में प्रशासनिक जांच की भूमिका अहम हो गई है। अब जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि एक्स-रे मशीन को एंबुलेंस से ले जाने का निर्णय किसने लिया और इसके पीछे क्या कारण था।

मरम्मत के लिए मशीन ले जाने का दावा

मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित टेक्नीशियन की ओर से मशीन को मरम्मत के लिए ले जाने की बात कही जा रही है। दूसरी ओर, अस्पताल के उपाधीक्षक को इस संबंध में जानकारी नहीं होने की बात भी सामने आई है।

इन अलग-अलग दावों के बीच यह स्पष्ट होना बाकी है कि मशीन को ले जाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप थी या नहीं। फिलहाल, किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या लापरवाही को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

जांच रिपोर्ट पर टिकी कार्रवाई

जामताड़ा सदर अस्पताल का यह मामला सरकारी स्वास्थ्य संसाधनों के इस्तेमाल और अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही से जुड़ा है। उपायुक्त के निर्देश पर चल रही जांच में घटना से जुड़े तथ्यों, संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और मशीन को ले जाने के उद्देश्य की पड़ताल की जाएगी।

अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। सिविल सर्जन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट: आर. पी. सिंह, जामताड़ा

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