जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के बाहर हुए चर्चित हमले के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। मामले की जांच कर रही विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने डीडी बार के मैनेजर विजय महानन्द, लखिन्द्र लोहार और जगदीश मंडल को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही एक विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) को भी निरुद्ध किया गया है। इस कार्रवाई के बाद अब तक इस मामले में कुल नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
इलाज के दौरान हुई थी हिमांशु सिंह की मौत
यह मामला उस जानलेवा हमले से जुड़ा है जिसमें हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन कर पूरे मामले की गहन जांच शुरू की थी। इससे पहले इस मामले में पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
फरार कराने और हथियार छिपाने का आरोप
पुलिस जांच, तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर गिरफ्तार किए गए आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार, बार मैनेजर विजय महानन्द को बिरसानगर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया, जबकि लखिन्द्र लोहार और जगदीश मंडल को घतकीडीह और गम्हरिया क्षेत्र से पकड़ा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि जगदीश मंडल ने घटना के बाद मुख्य आरोपियों को फरार होने में मदद की। पुलिस का आरोप है कि उसने आरोपियों को वाहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त हथियारों को छिपाने में भी सहयोग किया।
चापड़, कुल्हाड़ी और अन्य हथियार बरामद
गिरफ्तार आरोपी लखिन्द्र लोहार और निरुद्ध नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर कई हथियार बरामद किए हैं। बरामद सामान में एक चापड़, एक कुल्हाड़ी, एक भुजाली, एक बड़ा चाकू, आठ लोहे के पंच और एक स्टील की गुप्ती शामिल है।
इसके अलावा वारदात के बाद फरार होने में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए SIT लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

