भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यापीठ) धनबाद [आईआईटी (आईएसएम)] ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यक्रम के तहत कतरासगढ़ स्थित जी.एन.एम. प्लस-2 स्कूल में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) आधारित जागरूकता एवं प्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कक्षा 9 से 12 तक के 220 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वैज्ञानिक प्रयोगों के जरिए विज्ञान को बनाया रोचक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बैलून ब्लो-अप, कैंडल वाटर राइजिंग, टर्मरिक इंडिकेटर, एलीफेंट टूथपेस्ट और लावा लैंप जैसे कई रोचक वैज्ञानिक प्रयोग कराए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से रासायनिक अभिक्रिया, गैस निर्माण, वायु दाब, घनत्व, पीएच संकेतक और उत्प्रेरक जैसी वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल एवं व्यवहारिक तरीके से समझाया गया।
विद्यार्थियों में जिज्ञासा और तार्किक सोच विकसित करने पर जोर
कार्यक्रम की समन्वयक एवं आईआईटी (आईएसएम) के प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग की प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों के लिए विज्ञान को रोचक और सहज बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में जिज्ञासा बढ़ाती है और उन्हें STEM क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
कार्यक्रम के सह-समन्वयक प्रो. नीलाद्रि दास ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल वैज्ञानिक जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता और समस्या समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित करने का भी प्रयास है।
BCCL के परियोजना प्रभावित परिवारों के बच्चों को मिलेगा लाभ
यह कार्यक्रम विशेष रूप से बीसीसीएल के परियोजना प्रभावित परिवारों (Project Affected Persons – PAP) के बच्चों के लिए आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण STEM शिक्षा को उन विद्यार्थियों तक पहुंचाना है, जिन्हें ऐसे अवसर सामान्यतः कम मिल पाते हैं।
विद्यालय और BCCL अधिकारियों ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य रेखा साहू, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। वहीं बीसीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) मुरली कृष्ण रमैया, महाप्रबंधक (CSR) सुरेंद्र भूषण, महाप्रबंधक (CSR) कुमार मनोज, प्रबंधक (CSR) अभिजीत मित्रा सहित अन्य अधिकारियों ने कार्यक्रम की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी परियोजना प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए ऐसे STEM आधारित कार्यक्रम विभिन्न विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे।

