धनबाद। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यालय), धनबाद यानी IIT (ISM) धनबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. प्रेम व्रत को शिक्षा, शोध, संस्थान निर्माण और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें ग्लोबल बोर्ड ऑफ IIT एलुमनी काउंसिल की ओर से मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यह सम्मान 23 अगस्त को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में आयोजित वर्ल्ड विजडम कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान दिया गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रो. प्रेम व्रत को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
आत्मकथा में दर्ज अनुभवों के लिए मिला सम्मान
प्रो. प्रेम व्रत को यह सम्मान उनकी आत्मकथा “माई सिक्स्टी इयर्स ऐज़ एन आईआईटियन: एक्सपीरियंसेज़ एंड लेसन्स” में दर्ज जीवन अनुभवों और उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान मिलने पर प्रो. प्रेम व्रत ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लंबे शैक्षणिक और पेशेवर सफर के दौरान हासिल अनुभवों, मूल्यों और सीख का सम्मान है।
शिक्षा और संस्थान निर्माण में रहा लंबा योगदान
प्रो. प्रेम व्रत देश के जाने-माने शिक्षाविद, मैनेजमेंट एक्सपर्ट और संस्थान निर्माता के रूप में पहचाने जाते हैं। वर्तमान में वह IIT (ISM) धनबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन हैं।
इससे पहले वह IIT रुड़की के फाउंडर डायरेक्टर, उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ के वाइस चांसलर और IIT दिल्ली समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
50 से अधिक वर्षों का शैक्षणिक करियर
IIT खड़गपुर के पूर्व छात्र प्रो. प्रेम व्रत उन शुरुआती IIT एलुमनाई में शामिल रहे हैं, जिन्होंने किसी IIT के डायरेक्टर का पद संभाला। पांच दशक से अधिक लंबे करियर के दौरान उन्होंने 50 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया और 524 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं।
उनका शैक्षणिक अनुभव उच्च शिक्षा, शोध और संस्थान निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जाता है। उनके लंबे पेशेवर सफर को देखते हुए मिला यह सम्मान उनके योगदान को रेखांकित करता है।
IIT ISM धनबाद परिवार ने दी बधाई
प्रो. प्रेम व्रत को मिले सम्मान पर IIT (ISM) धनबाद परिवार ने उन्हें बधाई दी। संस्थान की ओर से कहा गया कि यह उपलब्धि पूरे IIT (ISM) धनबाद के लिए गर्व का विषय है।
प्रो. व्रत का अनुभव और नेतृत्व उच्च शिक्षा, शोध तथा संस्थान निर्माण के क्षेत्र में नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

