मुंबई। आईआईटी बॉम्बे में बीटेक छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे की आत्महत्या के बाद शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और परिवार की ओर से लगाए गए संस्थागत उत्पीड़न तथा जातिगत भेदभाव के आरोपों के बीच संस्थान ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
आईआईटी बॉम्बे ने अपने पिछले बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। वहीं, प्रशासनिक मामलों के डीन प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दूसरी ओर, संस्थान ने स्पष्ट किया है कि निदेशक प्रोफेसर शिरीष बी. केदारे ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। <Cite refs={[“turn0news4″,”turn0news7″,”turn0search13”]} />
पुराने बयान पर IIT बॉम्बे ने मांगी माफी
आईआईटी बॉम्बे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि साहिल की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से जुड़े हालात को लेकर उसके पिछले बयान के लिए वह माफी मांगता है।
संस्थान ने कहा कि मामले से जुड़ी परिस्थितियों की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। ऐसे में साहिल की मौत से पहले हुई घटनाओं के बारे में जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष निकालना या राय बनाना उचित नहीं था।
आईआईटी बॉम्बे ने माना कि जांच की प्रक्रिया पूरी होने से पहले घटनाओं को जिस तरह प्रस्तुत किया गया, वह उचित नहीं था। <Cite refs={[“turn0search12″,”turn0news6”]} />
डीन सूर्यनारायण डूला निलंबित
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष बी. केदारे ने बताया कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को तत्काल प्रभाव से डीन पद से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
हालांकि, डूला संस्थान में प्रोफेसर और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख के रूप में काम करते रहेंगे। उनके खिलाफ साहिल के परिवार की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण कानून की धाराएं शामिल हैं। <Cite refs={[“turn0news7″,”turn0search11″,”turn0search13”]} />
डायरेक्टर के इस्तीफे की खबर पर संस्थान ने दी सफाई
छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच रविवार देर रात निदेशक शिरीष केदारे ने प्रदर्शनकारियों से कहा था कि वह इस्तीफा दे देंगे, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने सोमवार को बैठक के बाद अपने फैसले की जानकारी देने की बात कही थी।
इसके बाद आईआईटी बॉम्बे ने स्पष्ट किया कि निदेशक ने इस्तीफा नहीं दिया है और इससे जुड़ी खबरें गलत हैं। इस मुद्दे पर संस्थान के बोर्ड की बैठक भी निर्धारित थी।
प्रदर्शनकारी छात्रों की 18 मांगों पर प्रशासन की ओर से सहमति जताए जाने की जानकारी भी सामने आई है। <Cite refs={[“turn0news3″,”turn0news4″,”turn0news5”]} />
परीक्षा में मोबाइल और ChatGPT इस्तेमाल का क्या है मामला?
आईआईटी बॉम्बे के पहले बयान के अनुसार, साहिल वाकोडे को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान का दावा था कि छात्र ने उत्तर हासिल करने के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था।
संस्थान ने कहा कि इस घटना को लेकर इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने साहिल से बातचीत की थी। उसके साथ काउंसलिंग की गई और उसे भरोसा दिलाया गया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, साहिल इसके बाद अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था। बाद में वह कमरे में मृत पाया गया। हालांकि, छात्रों और परिवार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम और कथित दबाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं। <Cite refs={[“turn0news4″,”turn0news8”]} />
परिवार ने लगाए जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले साहिल के परिवार ने आरोप लगाया कि उसे संस्थागत उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था।
परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। छात्रों ने भी आरोप लगाया कि साहिल पर अत्यधिक दबाव था और उसे शैक्षणिक निलंबन की धमकियां दी गई थीं।
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। संस्थान से जुड़े फैकल्टी फोरम ने पहले प्रोफेसर डूला का बचाव करते हुए कहा था कि उन्होंने निर्धारित शैक्षणिक प्रक्रिया के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाई। <Cite refs={[“turn0news8″,”turn0news0″,”turn0search11”]} />
क्राइम ब्रांच कर रही जांच, फोन जब्त
साहिल की मौत के मामले में क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। जांच के तहत साहिल का मोबाइल फोन जब्त किया गया है और घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा चुकी है।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, अब तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच अधिकारी प्राथमिकी में नामजद लोगों से पूछताछ की तैयारी कर रहे हैं।
फिलहाल, साहिल की मौत से पहले की घटनाओं, परीक्षा से जुड़े विवाद और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की अलग-अलग पहलुओं से जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

