रांची। लोक भवन, रांची में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आईसीसीआर स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों के बीच इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने छात्रों से भारत की प्राचीन विरासत, समृद्ध शैक्षणिक परंपरा और देश की आधुनिक विकास यात्रा को लेकर बातचीत की। विदेशी छात्रों ने भी भारत में पढ़ाई और रहने के दौरान मिले अनुभव साझा किए।
भारत के अनुभवों को अपने देशों तक ले जाने का संदेश
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विदेशी स्कॉलर्स से कहा कि वे भारत की विकास यात्रा से सीखें और अपने-अपने देशों के संदर्भ में भारतीय अनुभवों को समझने के साथ उन्हें साझा भी करें।
उन्होंने कहा कि भविष्य में जब ये छात्र अपने देशों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर होंगे, तब भारत में प्राप्त शिक्षा और यहां के अनुभव उनके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि विदेशी छात्र भारत और अपने-अपने देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इंटरनेशनलाइजेशन केवल डिग्री तक सीमित नहीं: प्रो. रजनी सिंह
आईआईटी (आईएसएम) की डीन, इंटरनेशनल रिलेशंस प्रो. रजनी सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीयकरण केवल छात्रों के एक देश से दूसरे देश जाकर डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह अलग-अलग संस्कृतियों, विचारों, भाषाओं और शैक्षणिक विषयों को एक साथ लाने की प्रक्रिया है। इसके माध्यम से युवाओं को आपस में जुड़े वैश्विक समाज के लिए तैयार किया जाता है।
प्रो. सिंह ने बताया कि आईआईटी (आईएसएम) में अंतरराष्ट्रीयकरण की पहल इसी भावना को दर्शाती है। संस्थान अपनी 100 वर्ष की अकादमिक विरासत और बढ़ते वैश्विक जुड़ाव के साथ इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।
15 देशों के छात्र कार्यक्रम में हुए शामिल
कार्यक्रम में नेपाल, सूडान, इराक, थाईलैंड, तंजानिया, सीरिया, कंबोडिया, घाना, युगांडा, यमन, बांग्लादेश, लाइबेरिया, इथियोपिया, सोमालिया और श्रीलंका के छात्र शामिल हुए।
प्रो. रजनी सिंह ने कहा कि इन विदेशी छात्रों की मौजूदगी आईआईटी (आईएसएम) की वैश्विक शैक्षणिक समुदाय की तस्वीर को स्पष्ट रूप से सामने रखती है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के छात्रों के साथ संवाद से शैक्षणिक सहयोग, सांस्कृतिक समझ और आपसी संपर्क को बढ़ावा मिलता है।

ICCR स्कॉलरशिप प्रोग्राम की भूमिका पर चर्चा
इंटरैक्टिव सेशन के दौरान आईसीसीआर स्कॉलरशिप प्रोग्राम की भूमिका पर भी चर्चा हुई। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भारत सहित विभिन्न देशों के लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसके माध्यम से विदेशी छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करने और यहां के समाज, संस्कृति तथा शैक्षणिक वातावरण को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
छात्रों ने राज्यपाल के साथ बातचीत में अपनी अकादमिक यात्रा, पढ़ाई के अनुभव और भारतीय समाज के साथ हुए संवाद के बारे में जानकारी दी।

पासपोर्ट कार्यालय और IIT-ISM की टीम रही मौजूद
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रांची के अधिकारियों ने आईसीसीआर क्षेत्रीय कार्यालय, पटना का प्रतिनिधित्व किया। पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में बिहार और झारखंड दोनों राज्य आते हैं।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मनीता के., आईएफएस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कार्यक्रम में शामिल हुआ। वहीं, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की टीम का नेतृत्व डीन इंटरनेशनल रिलेशंस प्रो. रजनी सिंह ने किया।

