जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला फरियादी के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने रविवार को थाना के नौ और पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इससे दो दिनों के भीतर थाना प्रभारी समेत निलंबित पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। वहीं, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पहले से निलंबित पुलिसकर्मियों में से एसआई मनोज कुमार साहू और हवलदार संतोष कुमार राय को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले में अब तक तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
नौ और पुलिसकर्मी निलंबित, दो गिरफ्तार
एसपी मनोज स्वर्गियारी ने रविवार को गम्हरिया थाना के जिन नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया, उनमें दो एसआई अजय पासवान और ललन रविदास, चार एएसआई विश्व उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास और सीताराम सिंह पाहन, दो हवलदार पितांबर महतो और बहादुर हांसदा तथा आरक्षी मनोज गोराई शामिल हैं।
एसपी के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों पर अनुशासनहीनता बरतने और घटना की जानकारी समय पर वरीय अधिकारियों को नहीं देने के मामले में कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि रविवार को निलंबित किए गए कुछ पुलिसकर्मी घटनास्थल के ठीक ऊपर स्थित कमरों में रहते थे। इससे पहले थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
राजेश टुडू ने संभाला गम्हरिया थाना का प्रभार
थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद रविवार को राजेश टुडू को गम्हरिया थाना का नया प्रभारी बनाया गया। उन्होंने थाना पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया।
गौरतलब है कि थाना परिसर में महिला के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को आरोपी बनाया गया है। एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने मामले में थाना प्रभारी संजय प्रसाद, अनिरुद्ध सिंह, मनोज कुमार साहू, संतोष कुमार राय और मुनेश्वर कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इसके बाद एसपी ने शनिवार देर रात संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
एसपी ने थाना पहुंचकर की पूछताछ, महिला सुरक्षा पर सख्त निर्देश
रविवार को एसपी मनोज स्वर्गियारी खुद पुलिस बल के साथ गम्हरिया थाना पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से अलग-अलग बंद कमरे में पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। एसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित एसआईटी सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है। जांच में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संलिप्तता अथवा लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद एसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को थानों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्यूटी के दौरान या थाना परिसर में कोई पुलिसकर्मी शराब अथवा अन्य नशे की हालत में पाया गया, तो उसके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की अनुशंसा की जा सकती है। थाना प्रभारियों को अपने अधीनस्थ कर्मियों की उपस्थिति, आचरण और कार्यशैली पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
महिला फरियादियों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। महिलाओं की शिकायतें प्राथमिकता के आधार पर दर्ज करने, पूछताछ के दौरान महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी सुनिश्चित करने और किसी महिला शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से थाने में बैठाकर नहीं रखने का निर्देश दिया गया है। दुर्व्यवहार, दबाव बनाने या अभद्र टिप्पणी की शिकायत मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मी के साथ थाना प्रभारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
गीता कोड़ा ने थाने के सामने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
घटना को लेकर भाजपा ने भी विरोध जताया है। पूर्व सांसद गीता कोड़ा रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गम्हरिया थाना पहुंचीं और थाना परिसर के सामने प्रदर्शन किया। उन्होंने एसपी मनोज स्वर्गियारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में तीन महीने के भीतर स्पीडी ट्रायल कराने और दोषी को सजा दिलाने की मांग भी शामिल रही। भाजपा की ओर से थानों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाने की मांग उठाई गई।
विधायक पूर्णिमा साहू ने राष्ट्रीय महिला आयोग से मांगा हस्तक्षेप
विधायक पूर्णिमा साहू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर घटना को शर्मनाक और चिंताजनक बताया। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि थाना वह स्थान है, जहां महिलाओं को सुरक्षा और न्याय का भरोसा मिलना चाहिए। यदि वहीं उनकी गरिमा सुरक्षित नहीं रहेगी, तो यह पूरी व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
विधायक ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मी ही आरोपों के घेरे में हों, तो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मरांडी ने इससे पहले बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला कैदी के यौन शोषण का मामला सामने आने का उल्लेख करते हुए जेल और थाने जैसे परिसरों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी आरोप लगाए और कहा कि महिला सुरक्षा तथा पुलिस व्यवस्था में सुधार पर ध्यान देने की जरूरत है।
नोवामुंडी में भाजपा ने फूंका मुख्यमंत्री का पुतला
गम्हरिया की घटना के विरोध में नोवामुंडी में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा नोवामुंडी मंडल की ओर से मंडल उपाध्यक्ष राणा बोस की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया गया। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन में पूर्व मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मांझी, लालमोहन दास, चेतन गोप, चंद्रभानु गोप, प्रफुल्ल दास, सुबीर पान, संजय घोष, पवित्र पान, संजू लोहार, राजा बोदरा और सुष्मिता घोष समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों को कठोर सजा दी जाए।
फिलहाल मामले की जांच एसआईटी कर रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पुलिसकर्मियों की भूमिका के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

