केंद्र शासित प्रदेश दमन में स्क्रैप कारोबार और ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में कथित दबदबा रखने वाले सुरेश जगुभाई पटेल उर्फ ‘सुखा’ के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के सूरत सब-जोनल कार्यालय ने 8 सितंबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दमन और गुजरात के वलसाड जिले में मौजूद 17 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनकी कुल कीमत करीब 6.52 करोड़ रुपये बताई गई है।
कई गंभीर मामलों के आधार पर जांच
ED ने दमन पुलिस, गुजरात पुलिस और मुंबई पुलिस की ओर से दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इन मामलों में भ्रष्टाचार, अवैध हथियार, हत्या, जबरन वसूली, जालसाजी, पासपोर्ट में फर्जीवाड़ा और कॉपीराइट उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
कारोबार में दबदबा बनाने का आरोप
जांच के दौरान ED को पता चला कि सुरेश पटेल ने कथित तौर पर धमकी, डराने-धमकाने और बाहुबल के जरिए दमन के स्क्रैप और ट्रांसपोर्ट कारोबार में अपना दबदबा बनाया।
एजेंसी का आरोप है कि उसने अपने प्रभाव और आपराधिक गतिविधियों के जरिए प्रतिद्वंद्वी कारोबारियों को पीछे हटने पर मजबूर किया, जिससे उसका कारोबार पर नियंत्रण बढ़ गया।
2024 में दाखिल हुई थी अभियोजन शिकायत
इस मामले में ED ने 27 नवंबर 2024 को दमन की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। इसमें सुरेश जगुभाई पटेल, उसके सहयोगी महेश नंदा और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
अब तक 13.85 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई
ED के मुताबिक, जांच के दौरान पहले ही करीब 2.90 करोड़ रुपये की नकदी और बैंक बैलेंस जब्त या फ्रीज किए जा चुके हैं।
इसके अलावा दमन और मुंबई में मौजूद 24 अचल संपत्तियां, जिनकी कीमत करीब 4.42 करोड़ रुपये थी, पहले ही अस्थायी रूप से अटैच की जा चुकी हैं। इन संपत्तियों की अटैचमेंट को PMLA की निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority), नई दिल्ली ने भी मंजूरी दे दी है।
ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में अब तक करीब 13.85 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों पर जब्ती, अटैचमेंट या फ्रीज करने की कार्रवाई हो चुकी है। ED ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है।

