धनबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की प्रगति को लेकर उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, हर घर जल, जल जीवन मिशन और ओडीएफ प्लस के तहत चल रही योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
योजनाओं की धीमी प्रगति और कार्यों में लापरवाही को लेकर डीडीसी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और अभियंताओं को लंबित कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया।
सेग्रिगेशन शेड निर्माण की धीमी रफ्तार पर सख्ती
समीक्षा के दौरान सेग्रिगेशन शेड के निर्माण की प्रगति का मुद्दा प्रमुखता से उठा। जिले में कुल 256 सेग्रिगेशन शेड का निर्माण किया जाना है, लेकिन काम की धीमी गति को लेकर डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
मॉनिटरिंग में कमी और काम में लापरवाही पाए जाने पर तोपचांची के कनीय अभियंता को छोड़कर अन्य सभी कनीय अभियंताओं के एक माह के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।
डीडीसी ने अगले एक महीने के भीतर 60 सेग्रिगेशन शेड का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया। उन्होंने संबंधित अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला समन्वयक को शो-कॉज का निर्देश
काम में लापरवाही बरतने के मामले में एक जिला समन्वयक को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया गया।
डीडीसी ने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की दैनिक स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति, लंबित कार्य, भुगतान तथा पंचायतवार स्थिति की भी समीक्षा की गई।
ग्रामीणों तक समय पर पहुंचे पेयजल
उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने कहा कि ग्रामीणों को नियमित और सुचारू रूप से पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कर ग्रामीण परिवारों तक पेयजल की सुविधा पहुंचाने का निर्देश दिया।
उन्होंने पाइपलाइन, सिविल वर्क और मशीनरी से संबंधित लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही लंबित भुगतान का समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को योजनाओं में डुप्लीकेशन रोकने और पूरी हो चुकी योजनाओं का समय पर हैंडओवर करने के लिए भी कहा गया।
फील्ड विजिट और निर्माण की गुणवत्ता जांचने का निर्देश
डीडीसी ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और जल जीवन मिशन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से काम पूरा कराने को कहा।
पंचायत स्तर पर बीडीओ, मुखिया, प्रमुख और जिला परिषद सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर नियमित फील्ड विजिट करने का निर्देश दिया गया। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का मौके पर सत्यापन करने को कहा गया।
बैठक में पीएचईडी-2 के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार मंडल, जिला एवं प्रखंड समन्वयक तथा पीएमयू टीम के सदस्य मौजूद रहे।

