Dhanbad News: SSLNT अस्पताल में बनेगा 50 बेड का मातृ-शिशु अस्पताल, नगरकियारी में खुलेगा नया PHC

Dhanbad News: SSLNT अस्पताल में बनेगा 50 बेड का मातृ-शिशु अस्पताल, नगरकियारी में खुलेगा नया PHC

धनबाद। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम करने का निर्णय लिया है। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, आपातकालीन उपचार और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा हुई। बैठक में एसएसएलएनटी अस्पताल को 50 बेड के आधुनिक मातृ एवं शिशु अस्पताल के रूप में विकसित करने, गोविंदपुर प्रखंड के नगरकियारी में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने और मोतियाबिंद सर्जरी के लिए एक अन्य केंद्र में आई ओटी तैयार करने का निर्णय लिया गया।

SSLNT अस्पताल को 50 बेड के मातृ-शिशु केंद्र के रूप में किया जाएगा विकसित

जिला प्रशासन के अनुसार, एसएसएलएनटी अस्पताल को अपग्रेड कर 50 बेड का अत्याधुनिक मैटरनल एंड चाइल्ड केयर अस्पताल बनाया जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

योजना को लागू करने के लिए प्रभारी सिविल सर्जन, डीएमएफटी पीएमयू और भवन निर्माण विभाग की संयुक्त टीम अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण करेगी। टीम आवश्यक आधारभूत संरचना का आकलन करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नगरकियारी में खुलेगा नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

ग्रामीण इलाकों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए गोविंदपुर प्रखंड के नगरकियारी में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को सामान्य बीमारियों के इलाज और प्राथमिक चिकित्सा के लिए दूर जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार ग्रामीण आबादी तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, नए केंद्र के निर्माण और संचालन की समयसीमा के बारे में विज्ञप्ति में जानकारी नहीं दी गई है।

सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा होगी मजबूत

बैठक में सदर अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने का भी निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।

इसके साथ ही जिले में मोतियाबिंद के मरीजों को समय पर सर्जरी की सुविधा देने के लिए सदर अस्पताल के अतिरिक्त एक अन्य चिह्नित स्वास्थ्य केंद्र में आई ओटी तैयार करने का निर्देश दिया गया। बैठक में मोतियाबिंद के उपचार से जुड़े एमओयू पर भी चर्चा हुई।

नर्सिंग शिक्षा और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम पर भी जोर

जिले के नर्सिंग स्कूल में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए अतिरिक्त नर्सिंग ट्यूटर उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा हुई। संस्थान के विस्तार को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया गया।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्क्रीनिंग में चिह्नित जरूरतमंद बच्चों को चश्मा और अन्य आवश्यक चिकित्सीय सहायक उपकरण व सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ऐसे बच्चों को जरूरी सहायता मिलने की उम्मीद है, जिन्हें जांच के बाद उपचार या सहायक उपकरणों की आवश्यकता होती है।

सहिया के कामकाज की होगी नियमित समीक्षा

स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सहिया की भूमिका को प्रभावी बनाने के लिए उनके प्रदर्शन का नियमित आकलन किया जाएगा। बैठक में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्ति, आधारभूत संरचना, उपकरणों की खरीद, आउटसोर्सिंग और तकनीकी पदों पर नियुक्ति जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों और प्रतिनियुक्तियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि आम लोगों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार प्रसाद, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रोहित गौतम, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मंजु दास, डीईओ अभिषेक झा, डीपीएम प्रतिमा कुमारी, डीपीसी रेखा सिंह, वीबीडी पदाधिकारी रमेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, धनबाद | प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1306 | 22 अक्टूबर 2026

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