धनबाद। आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के समर्थन में शनिवार, 19 सितंबर को धनबाद में जोरदार रैली और प्रदर्शन किया गया। संविधान बचाओ संघर्ष समिति की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम जिला परिषद मैदान से शुरू होकर रणधीर वर्मा चौक स्थित जिला मुख्यालय तक पहुंचा।
जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद रैली सभा में तब्दील हो गई। प्रदर्शन में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे महिला-पुरुषों ने हाथों में तख्तियां, नीले झंडे और बहुजन महापुरुषों के चित्र लेकर नारेबाजी की। कार्यक्रम के दौरान आरक्षण, सामाजिक अधिकार और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
जिला परिषद मैदान से जिला मुख्यालय तक निकली रैली
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आयोजित रैली का नेतृत्व दिलीप राम, गोपाल यादव, देबू महतो, बबलू दास, शशिभूषण कुमार, गनपत महतो, सुबल दास, मंटू दास, मनोहर दास और अजय दास सहित अन्य लोगों ने किया।
कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता दिलीप राम, देबू महतो, गोपाल यादव, गनपत महतो और शशिभूषण कुमार ने की। वहीं, संचालन की जिम्मेदारी बबलू दास ने संभाली।
रैली में शामिल लोगों ने सामाजिक समानता, आरक्षण और बहुजन समाज की भागीदारी से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी मांगें रखीं।
जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के बावजूद सामाजिक असमानता, भेदभाव और शोषण जैसी समस्याएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। उनके अनुसार, देश के निर्माण में बहुजन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उसकी भागीदारी और अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
वक्ताओं ने एससी, एसटी और ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की मांग की। इसके साथ ही जाति जनगणना कराने और “जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी भागीदारी” के आधार पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही गई।
सभा में आरक्षण की व्यवस्था को निजी क्षेत्र सहित उन क्षेत्रों में भी लागू करने की मांग उठी, जहां फिलहाल आरक्षण का प्रावधान नहीं है। इसके अलावा एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 85 प्रतिशत करने की मांग भी रखी गई।
यूजीसी एक्ट लागू करने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर जोर
प्रदर्शन के दौरान यूजीसी एक्ट को एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच बताया गया। वक्ताओं ने यूजीसी एक्ट को तत्काल लागू करने और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की रोक हटाने की मांग की।
इसके साथ ही पाठ्यक्रम में संविधान और संवैधानिक मूल्यों को उचित स्थान देने की बात कही गई। वक्ताओं ने कहा कि संविधान के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।
सभा में आरक्षण और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि धनबाद से उठी आवाज को आगे सड़क से लेकर जंतर-मंतर तक ले जाया जाएगा।
उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र, चुनाव को लेकर भी प्रस्ताव
सभा समाप्त होने के बाद संविधान बचाओ संघर्ष समिति की ओर से अपनी मांगों से संबंधित पत्र धनबाद उपायुक्त को सौंपा गया।
कार्यक्रम के दौरान आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बहुजन समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपने मुद्दों और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगा।
सभा में आरक्षण और यूजीसी का विरोध करने वाले दलों एवं प्रत्याशियों के बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किए जाने की बात भी कही गई। यह प्रस्ताव कार्यक्रम में मौजूद आयोजकों और समर्थकों की ओर से रखा गया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। आयोजकों ने आरक्षण, सामाजिक भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी कार्यक्रम जारी रखने की बात कही।

