धनबाद। जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों में नियमों के पालन और सुरक्षा व्यवस्था की जांच को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे के नेतृत्व में गुरुवार को धैया रोड स्थित प्राईम गैस एजेंसी के बुकिंग कार्यालय और भेलाटांड़ स्थित गैस गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान गैस गोदाम में निर्धारित क्षमता से अधिक गैस का भंडारण पाए जाने के साथ ही अग्नि सुरक्षा मानकों में भी गंभीर खामियां सामने आईं।
बुकिंग कार्यालय में भी मिला अनधिकृत स्टॉक
जिला प्रशासन के अनुसार धैया रोड, सीडी सिंह कॉलोनी के पास स्थित प्राईम गैस एजेंसी के बुकिंग कार्यालय की जांच के दौरान 12 घरेलू गैस सिलेंडर और 6 छोटे गैस सिलेंडर अनधिकृत रूप से स्टॉक किए हुए मिले।
निरीक्षण टीम में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, धनबाद नगर निगम के पदाधिकारी और प्रभारी अग्निशाम पदाधिकारी भी शामिल थे।
निर्धारित क्षमता से 4,758 किलो अधिक गैस मिली
प्राईम गैस एजेंसी के भेलाटांड़ स्थित मुख्य गोदाम की अनुज्ञप्त भंडारण क्षमता 8,000 किलोग्राम निर्धारित है। लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान गोदाम में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों में कुल 12,758.88 किलोग्राम गैस पाई गई।
यानी गोदाम में निर्धारित क्षमता से 4,758.88 किलोग्राम अधिक गैस का भंडारण मिला।
जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर में कुल 11,379.04 किलोग्राम गैस दर्ज थी, जबकि मौके पर वास्तविक स्टॉक इससे काफी अधिक पाया गया।
फायर सेफ्टी के इंतजाम भी मिले अपर्याप्त
इतनी बड़ी मात्रा में ज्वलनशील गैस के भंडारण के बावजूद गोदाम में सुरक्षा व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। निरीक्षण टीम को मौके पर केवल 10 किलोग्राम का डीसीपी फायर एक्सटिंग्विशर और 4 बाल्टी बालू मिली।
इसके अलावा एजेंसी संचालक और प्रबंधन निरीक्षण दल के समक्ष अग्निशमन विभाग द्वारा जारी अनिवार्य फायर एनओसी भी प्रस्तुत नहीं कर सके।
प्रशासन ने इन कमियों को सार्वजनिक सुरक्षा की गंभीर अनदेखी और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना है।
संचालक पर होगी कानूनी कार्रवाई
अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे ने बताया कि क्षमता से अधिक भंडारण, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और सार्वजनिक सुरक्षा की अनदेखी को लेकर एजेंसी संचालक के खिलाफ विधि सम्मत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी औचक निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

