चक्रवात ‘अरनब’ की आशंका से बढ़ी कुम्हारों की चिंता, दिवाली के दीये और मिट्टी के खिलौने बचाने में जुटे परिवार

चक्रवात ‘अरनब’ की आशंका से बढ़ी कुम्हारों की चिंता, दिवाली के दीये और मिट्टी के खिलौने बचाने में जुटे परिवार

धनबाद: चक्रवात ‘अरनब’ को लेकर मौसम संबंधी चेतावनी और अगले दो-तीन दिनों में बारिश की संभावना ने धनबाद के दोहाटांड़ स्थित कुम्हार परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। दिवाली के बाजार के लिए तैयार किए गए मिट्टी के दीये, खिलौने, छोटी मूर्तियां और सजावटी सामान को सुरक्षित रखने के लिए परिवार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। बुधवार सुबह निकली धूप का फायदा उठाते हुए कुम्हारों ने मिट्टी से तैयार सामान को खुले स्थानों पर सुखाया। वहीं, सूख चुके उत्पादों को बारिश से बचाने के लिए पैक कर सुरक्षित जगहों पर रखा जा रहा है।

बारिश की आशंका के बीच मिट्टी के सामान को बचाने की तैयारी

धनबाद के दोहाटांड़ की कुम्हार पट्टी में इन दिनों दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं। त्योहार के लिए बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये, खिलौने और छोटी-छोटी मूर्तियां तैयार की गई हैं। लेकिन मौसम खराब होने की आशंका ने कुम्हारों की मेहनत पर पानी फिरने का डर पैदा कर दिया है।

सुबह धूप निकलने के बाद परिवारों ने जल्द से जल्द मिट्टी के सामान को सुखाने का काम शुरू कर दिया। जो उत्पाद पूरी तरह सूख चुके हैं, उन्हें बारिश से बचाने के लिए पैक करके सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है। कुम्हारों की कोशिश है कि मौसम बिगड़ने से पहले ज्यादा से ज्यादा तैयार माल को सुरक्षित कर लिया जाए।

दिवाली का कारोबार प्रभावित होने का डर

कुम्हार परिवारों के लिए दिवाली साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में से एक है। इस दौरान मिट्टी के दीये, पारंपरिक खिलौने, छोटी मूर्तियां और सजावटी सामान की मांग बढ़ती है। इन्हीं उत्पादों की बिक्री से कई परिवारों की आजीविका चलती है।

त्योहार से ठीक पहले बारिश होने पर तैयार सामान को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। इससे न केवल बिक्री प्रभावित हो सकती है, बल्कि कच्चे माल, मेहनत और उत्पादन पर हुआ खर्च भी बेकार जाने की आशंका है। ऐसे में मौसम की अनिश्चितता ने कुम्हार परिवारों की परेशानी बढ़ा दी है।

राजेंद्र पंडित ने बताई अपनी चिंता

स्थानीय कुम्हार राजेंद्र पंडित ने बताया कि मिट्टी से तैयार सामान को पूरी तरह सुखाना बेहद जरूरी होता है। यदि बारिश हो जाती है और तैयार उत्पाद भीग जाते हैं, तो उन्हें नुकसान पहुंच सकता है। इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए तैयार दीयों, खिलौनों और अन्य मिट्टी के उत्पादों को धूप में सुखाकर पैक किया जा रहा है, ताकि बारिश की स्थिति में उन्हें सुरक्षित रखा जा सके। परिवार के सभी सदस्य इस काम में जुटे हैं।

मौसम साफ रहने तक सामान सुखाने और पैक करने में जुटे परिवार

दोहाटांड़ की कुम्हार पट्टी में परिवारों की कोशिश है कि मौसम साफ रहने तक अधिक से अधिक सामान सुखाकर सुरक्षित कर लिया जाए। इसके लिए उपलब्ध धूप का पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। कुम्हार चाहते हैं कि दिवाली के बाजार में बिक्री के लिए तैयार किया गया माल सुरक्षित रहे और संभावित बारिश से उनके कारोबार पर असर न पड़े।

पारंपरिक मिट्टी के उत्पाद तैयार करने वाले इन परिवारों के लिए त्योहार केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि साल भर की कमाई का अहम अवसर भी है। ऐसे में मौसम की अनिश्चितता के बीच उनकी प्राथमिकता अपनी मेहनत और तैयार माल को बचाना है।

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