धनबाद सिविल कोर्ट से चलंत लोक अदालत रवाना, एक महीने तक गांव-गांव में देगी कानूनी जागरूकता

धनबाद सिविल कोर्ट से चलंत लोक अदालत रवाना, एक महीने तक गांव-गांव में देगी कानूनी जागरूकता

धनबाद। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से धनबाद सिविल कोर्ट परिसर से चलंत लोक अदालत रवाना की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता वैन को रवाना किया।

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) की ओर से उपलब्ध कराई गई यह वैन अगले एक महीने तक धनबाद जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों का भ्रमण करेगी। इस दौरान लोगों को कानूनी सहायता, उनके अधिकारों और न्याय तक पहुंचने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही, आपसी समझौते से निपटाए जा सकने वाले मामलों के समाधान का प्रयास भी किया जाएगा।

झालसा की वैन से गांवों तक पहुंचेगी कानूनी सहायता

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने बताया कि झालसा की ओर से उपलब्ध कराई गई विधिक जागरूकता वैन जिले के सभी प्रखंडों में जाएगी। इसका उद्देश्य उन लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना है, जिन्हें दूरी, आर्थिक परेशानी या जानकारी के अभाव में न्यायिक सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती है।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारी लोगों को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी देंगे। जरूरतमंद लोगों को यह भी बताया जाएगा कि वे विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से किस तरह सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

मौके पर सुलहनीय मामलों के निपटारे का प्रयास

चलंत लोक अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनका समाधान आपसी सहमति और सुलह के आधार पर संभव है। संबंधित पक्षों की सहमति से मौके पर ही मामलों के निपटारे का प्रयास किया जाएगा।

इससे लोगों को छोटे और सुलहनीय विवादों के समाधान के लिए बार-बार अदालत आने की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मामलों का निपटारा उनकी प्रकृति और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही किया जाएगा।

पुनर्वास और चेक बाउंस के मामलों पर रहेगा जोर

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ने धनबाद की कुछ प्रमुख समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिले में पुनर्वास से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा चेक बाउंस के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आते हैं।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कई बार उनके अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी नहीं होती। ऐसे में कुछ लोग उन्हें गुमराह कर आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। जागरूकता वैन के माध्यम से लोगों को ऐसे मामलों में सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने के बारे में बताया जाएगा।

डोलाबार पंचायत में लगा पहला विधिक जागरूकता शिविर

चलंत लोक अदालत के रवाना होने के बाद बलियापुर प्रखंड की डोलाबार पंचायत में पहला विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर जिले में शुरू हुए एक महीने के अभियान की पहली कड़ी रहा।

अधिकारियों के अनुसार, ऐसी वैन हर साल विभिन्न जिलों में भ्रमण करती है। पिछले अभियानों के आंकड़ों और फीडबैक के आधार पर बड़ी संख्या में लोगों को इससे लाभ मिलने की बात कही गई है। धनबाद में भी इस पहल के जरिए ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, उपलब्ध सहायता और विवादों के समाधान के विकल्पों से अवगत कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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