धनबाद के मरीचो में 35 हाथियों का झुंड, फसल रौंदी और घर क्षतिग्रस्त; ग्रामीणों में चिंता

धनबाद के मरीचो में 35 हाथियों का झुंड, फसल रौंदी और घर क्षतिग्रस्त; ग्रामीणों में चिंता

धनबाद। गोविंदपुर प्रखंड की मरीचो पंचायत में करीब 35 हाथियों के झुंड के पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हाथियों ने खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ एक घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

हाथियों के गांव के आसपास पहुंचने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग अपने घरों और खेतों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

खेतों में लगी फसल को रौंदा, घर भी क्षतिग्रस्त

ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड ने मरीचो पंचायत में कई खेतों में लगी फसल को रौंद दिया। इसके अलावा एक घर को भी नुकसान पहुंचा है।

हाथियों के गांव की ओर आने के दौरान स्थानीय लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाने की कोशिश की। घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल मदद की मांग की है।

गर्भवती महिला भी घर में थी मौजूद

पीड़ित परिवारों के अनुसार, जिस समय हाथियों का झुंड घर के आसपास पहुंचा, उस वक्त घर में एक गर्भवती महिला भी मौजूद थी। परिवार का कहना है कि वह तत्काल बाहर निकलने की स्थिति में नहीं थी।

हालांकि, समय रहते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना के बाद परिवार और आसपास के ग्रामीणों में काफी चिंता देखी गई।

जिप सदस्य स्वाति चौधरी ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों को दी जानकारी

हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना मिलने के बाद जिला परिषद सदस्य स्वाति चौधरी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।

जिप सदस्य की ओर से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और फसल व मकान को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिलाने को लेकर अधिकारियों से बातचीत की गई।

प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा व मुआवजे की मांग

स्वाति चौधरी ने प्रशासन और डीएफओ की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाते हुए प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की।

उन्होंने हाथियों के झुंड से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए भी पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के दोबारा गांव की ओर आने की स्थिति में जान-माल का खतरा पैदा हो सकता है।

फिलहाल ग्रामीण हाथियों के झुंड की गतिविधियों को लेकर सतर्क हैं और प्रशासन तथा वन विभाग से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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