धनबाद, 12 अक्टूबर। ACIC IIT (ISM) फाउंडेशन ने अभिकल्पन डिजाइन स्टूडियो के सहयोग से चार महीने का कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD) और कंप्यूटर-एडेड मैन्युफैक्चरिंग (CAM) ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा करने वाले 26 छात्रों को सर्टिफिकेट प्रदान किए। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से वित्तपोषित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना और उनके लिए रोजगार व स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
कार्यक्रम में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डायरेक्टर विनोद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, IIT (ISM) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. सौम्या सिंह के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर हासिल करने के लिए व्यावहारिक ज्ञान और उद्योगों से जुड़ा कौशल जरूरी है। युवाओं को उचित प्रशिक्षण देकर देश के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।

ACIC IIT (ISM) फाउंडेशन की CEO डॉ. आकांक्षा सिन्हा ने नवाचार, उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा देने में फाउंडेशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से वंचित समुदायों के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा देने और शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों तथा सरकारी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं को नए अवसर मिल सकते हैं।

ऑफलाइन और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से मजबूत होंगी तकनीकी क्षमताएं
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए IIT (ISM) धनबाद के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने छात्रों के बीच निरंतर सीखने की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऑफलाइन और हैंड्स-ऑन लर्निंग से विद्यार्थियों को शिक्षकों के साथ सीधे संवाद करने, अपने विचार साझा करने और तकनीकी विषयों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है।
CAD/CAM प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित विशेष टूल्स की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी मिला, जो भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में काम करने और अपना उद्यम शुरू करने में सहायक हो सकता है।
CSR के जरिए ग्रामीण युवाओं तक पहुंचे तकनीकी प्रशिक्षण
मुख्य अतिथि विनोद कुमार ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से समाज के समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों का अंतर कम किया जा सके। उनके अनुसार, CSR आधारित कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने और जमीनी स्तर पर विकास को गति देने में मदद कर सकते हैं।

रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोलने की पहल
चार महीने का प्रशिक्षण पूरा करने वाले 26 छात्रों को सर्टिफिकेट प्रदान करना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। इस पहल के जरिए युवाओं को डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी तकनीकी दक्षता हासिल करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर अविनाश शुक्ला, ACIC IIT (ISM) फाउंडेशन की मैनेजर कैमिलिया चौधरी, कुशजी पांडेय और प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आदित्य प्रकाश समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति और प्रतिभागी उपस्थित रहे।
ACIC IIT (ISM) फाउंडेशन, अभिकल्पन डिजाइन स्टूडियो और AAI का यह संयुक्त प्रयास कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने, युवाओं की क्षमता विकसित करने और रोजगार व उद्यमिता के अवसर तैयार करने की दिशा में एक पहल है।

