धनबाद। जिले में दुर्गा पूजा का पर्व कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक चले पूजा आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार के नेतृत्व में 2,000 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। वहीं, प्रमुख पूजा पंडालों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए 80 हाई डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
2,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की हुई तैनाती
दुर्गा पूजा के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए धनबाद पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना लागू की थी। इसमें धनबाद पुलिस के जवानों के अलावा झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) के जवान और चौकीदार भी शामिल थे।
प्रमुख पूजा पंडालों, मेला क्षेत्रों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ पुलिसकर्मियों को निर्धारित जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। पुलिस प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना था।
80 हाई डेफिनिशन कैमरों और ड्रोन से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जिले के प्रमुख पूजा पंडालों, मेला क्षेत्रों और व्यस्त स्थानों पर 80 हाई डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। पुलिस कंट्रोल रूम से संबंधित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही थी।
इसके अतिरिक्त, जरूरत के अनुसार कुछ स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की गई। पुलिस के मुताबिक, तकनीक आधारित व्यवस्था से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों का आकलन करने में मदद मिली। संभावित चोरी, छिनतई और छेड़खानी जैसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से कुछ स्थानों पर सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू किया गया विशेष रूट प्लान
पूजा के दौरान शहर में जाम की समस्या कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए विशेष यातायात योजना लागू की गई थी। भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए आवश्यकतानुसार कुछ मार्गों पर नो-एंट्री व्यवस्था लागू की गई, जबकि कुछ रास्तों को वन-वे निर्धारित किया गया।
इसके साथ ही वैकल्पिक मार्गों से वाहनों का परिचालन कराया गया। प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर यातायात पुलिस की तैनाती की गई थी, ताकि आम नागरिकों और पूजा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में कम परेशानी हो।
पूजा पंडालों और संवेदनशील क्षेत्रों में रही विशेष सतर्कता
जिले के प्रमुख पूजा पंडालों, मेला स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिसकर्मी लगातार मुस्तैद रहे। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय किए गए और पुलिस पदाधिकारियों को अपने निर्धारित दायित्वों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर भी ध्यान दिया। पूजा समितियों और नागरिकों से प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई थी।
एसएसपी प्रभात कुमार ने नागरिकों और पूजा समितियों का जताया आभार
दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण समापन पर एसएसपी प्रभात कुमार ने जिले के नागरिकों, पूजा समितियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान शांति बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने और पुलिस-प्रशासन के निर्देशों में सहयोग देने में आम लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
धनबाद पुलिस ने भी जिम्मेदारी और सहयोग का परिचय देने वाले नागरिकों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। पुलिस प्रशासन ने भविष्य में भी जिले में शांति, सामाजिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसी तरह जनसहयोग की अपेक्षा जताई।

