धनबाद में दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास तंबाकू पर प्रतिबंध
धनबाद, 14 अक्टूबर 2026। दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए धनबाद जिला प्रशासन ने सभी दुर्गा पूजा पंडाल परिसरों को तंबाकू मुक्त घोषित किया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत यह कदम उठाया गया है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1294 के अनुसार, सभी दुर्गा पूजा पंडालों के 100 मीटर के दायरे में धूम्रपान करने और किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों के सेवन एवं बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
नियम तोड़ने पर ₹1,000 तक का जुर्माना
जिला प्रशासन के अनुसार, प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 की धारा 4 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। विज्ञप्ति में नियमों के उल्लंघन पर ₹1,000 तक का अर्थदंड लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रशासन का उद्देश्य पूजा पंडालों के आसपास धूम्रपान और तंबाकू के इस्तेमाल को रोकना तथा श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना है।
पूजा समितियों को भी दी गई जिम्मेदारी
जिला प्रशासन ने सभी दुर्गा पूजा समितियों और पंडाल प्रबंधन से निर्धारित 100 मीटर के दायरे में तंबाकू का सेवन और बिक्री रोकने में सहयोग करने को कहा है।
यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो समिति के सदस्यों को तुरंत संबंधित थाने को सूचना देने का निर्देश दिया गया है। इससे प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पोस्टर-बैनर लगाना अनिवार्य
‘तंबाकू मुक्त युवा अभियान’ के तहत पूजा समितियों को अपने परिसर में गैर-धूम्रपान क्षेत्र और तंबाकू मुक्त परिसर से संबंधित पोस्टर एवं बैनर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही टोल-फ्री नंबर 1800-11-2356 का प्रदर्शन भी अनिवार्य बताया गया है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नियमों के पालन को प्रोत्साहित करना है।
जिला प्रशासन ने लोगों से की सहयोग की अपील
धनबाद जिला प्रशासन ने आम लोगों से प्रतिबंध का पालन करने और दुर्गा पूजा पंडालों को तंबाकू मुक्त एवं स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
प्रशासन के अनुसार, पूजा समितियों, स्थानीय नागरिकों और पुलिस के सहयोग से प्रतिबंध को प्रभावी बनाया जा सकता है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में दुर्गा पूजा का आनंद ले सकें।

