धनबाद में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 2,536 नई योजनाओं का प्रस्ताव
धनबाद। जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के तहत 2,536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को समाहरणालय स्थित बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में DMFT न्यास परिषद की बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, महिला एवं बाल कल्याण, स्वच्छता, कौशल विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले तीन से छह महीने में अधिकांश योजनाओं के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगेंगे। प्रशासन ने प्रत्येक पंचायत में स्वास्थ्य उपकेंद्र को क्रियाशील बनाने और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी सामने रखा।
2,536 नई योजनाओं में 70% प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए प्रस्ताव
उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर 2,536 नई योजनाओं के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा गया है। DMFT की मार्गदर्शिका के अनुरूप इनमें पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला एवं बाल कल्याण तथा कौशल विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत और सड़क, ऊर्जा तथा अन्य भौतिक आधारभूत संरचना के लिए 30 प्रतिशत का संतुलन रखा गया है।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि प्रशासन पारदर्शिता और तेजी के साथ योजनाओं को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से जमीन संबंधी विवादों और स्थानीय समस्याओं के समाधान में सहयोग करने की अपील की, ताकि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी योजना में गुणवत्ता की कमी मिलने पर जनप्रतिनिधि प्रशासन को सूचित करें। शिकायत मिलने पर दो से तीन दिनों के भीतर जांच दल भेजकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
140 स्कूलों के विकास पर जोर, 391 विद्यालयों के नवीनीकरण की योजना
शिक्षा क्षेत्र में धनबाद के 140 विद्यालयों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और पीएम-श्री की तर्ज पर जिले के 391 चयनित सरकारी विद्यालयों के संपूर्ण नवीनीकरण की योजना भी जारी है।
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार:
- 87 विद्यालयों में आधुनिक फर्नीचर, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
- 413 अन्य विद्यालयों में इन सुविधाओं की आपूर्ति प्रस्तावित है।
- 1,558 सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन के लिए थाली और गिलास दिए गए हैं।
- आठ प्रखंडों के 2,863 शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यालय रूपांतरण के उद्देश्य से प्रशिक्षण दिया गया है।
इसके अलावा बलियापुर के बालिका मध्य विद्यालय के नए भवन को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। गोविंदपुर के जर्जर मध्य विद्यालय बरवा पश्चिम में आठ कमरों वाले नए परिसर का निर्माण किया जाएगा। झरिया के राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय के लिए भी भूमि चिह्नित कर नए भवन की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
सदर अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं, बच्चों के स्वास्थ्य पर भी फोकस
DMFT के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए उप विकास आयुक्त ने बताया कि धनबाद सदर अस्पताल में OPD पंजीकरण प्रणाली का आधुनिकीकरण किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए अलग काउंटर तथा सखी हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में आधुनिक आई-ओटी की स्थापना के बाद 415 से अधिक मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जा चुका है। यहां ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की गई है। इसके अलावा 12 बेड की मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट और 14 बेड का मॉडल कुपोषण उपचार केंद्र संचालित है।
तोपचांची में आधुनिक डायलिसिस यूनिट स्थापित की गई है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत करीब दो लाख बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें लगभग पांच हजार बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी कमियां पाई गईं। इनमें से 1,600 बच्चों का इलाज कराया गया।
प्रशासन ने प्रत्येक पंचायत में कम से कम एक स्वास्थ्य उपकेंद्र को क्रियाशील बनाने का लक्ष्य रखा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सके।
419 नए आंगनबाड़ी भवनों की योजना, 201 केंद्रों को मिले नए भवन
आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए भी DMFT के तहत काम किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक जिले के 82.5 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों को अपने पक्के भवन में संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जारी जानकारी के अनुसार, बाघमारा में 113, झरिया में 79, धनबाद में 75, निरसा में 65, सिंदरी में 59 और टुंडी में 28 सहित कुल 419 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की योजना पर काम चल रहा है। वहीं, 201 आंगनबाड़ी केंद्रों को नए भवन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
सक्षम केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी सह प्री-नर्सरी स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है। इनमें स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है।
पेयजल और जल संरक्षण के लिए सैकड़ों योजनाओं पर काम
खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता और जल संरक्षण को लेकर भी बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अब तक 7,901 ट्यूबवेलों का नियमित अनुरक्षण, 2,405 रॉटर राइजर पाइप से संबंधित कार्य, 97 उच्च क्षमता वाले ट्यूबवेल और 566 विशेष मरम्मत कार्य पूरे किए जाने की जानकारी दी गई।
महुदा बस्ती, पंचेत, मैथन, तेलमच्चो और नॉर्थ जोन जलापूर्ति योजनाओं को मजबूत करने पर भी काम हो रहा है। जल संरक्षण के लिए प्रस्तावित 793 तालाब योजनाओं में से 205 को स्वीकृति दी गई है, जबकि 588 योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं।
तोपचांची की नेरो पंचायत में 150 फीट गहरी खदान की खाई से सौर ऊर्जा आधारित लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू करने की योजना है। इससे करीब 40 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई में मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण हाट, स्मार्ट लाइब्रेरी और सड़क-पुल निर्माण को भी प्राथमिकता
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बलियापुर, निरसा, तोपचांची, राजगंज, मुराईडीह और फुलवारीटांड़ में आधुनिक ग्रामीण हाट-बाजार विकसित किए जा रहे हैं। गोविंदपुर के आमाघाटा में वन स्टॉप सेंटर यानी सखी केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है, जहां पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और परामर्श संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।
बलियापुर के प्रधानखंता, बीबीएम कॉलेज और गोविंदपुर के आरएस मोड़ कॉलेज में स्मार्ट लाइब्रेरी का निर्माण भी प्रगति पर है। इसके साथ ही तोपचांची में बाढ़ से क्षतिग्रस्त जामुनटांड पुल के पुनर्निर्माण और लोहपिट्टी पंचायत में लगभग 2,000 ग्रामीणों की आवाजाही आसान बनाने वाली पक्की सड़क योजना को स्वीकृति दी गई है।
विधायकों ने रखे विकास से जुड़े सुझाव
बैठक में टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने पंचायत भवनों के सदुपयोग, ब्राह्मणडीह-खरियो पथ की मरम्मत, पोखरिया के पास सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए गार्ड वॉल बनाने और ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने का अनुरोध किया।
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने सेंट्रल लाइब्रेरी को स्मार्ट लाइब्रेरी बनाने, दामोदरपुर में नगर वन विकसित करने और कपालघाट श्मशान में सुविधाएं बढ़ाने का सुझाव दिया।
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने आवास योजनाओं को बढ़ावा देने, प्रखंड स्तर पर बड़े प्रशिक्षण केंद्र बनाने, अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने, स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता देने तथा तोपचांची, मैथन और पंचेत में इको-टूरिज्म पार्क विकसित करने की मांग रखी। उन्होंने मोबाइल हेल्थ केयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।
सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने गोविंदपुर की लाइब्रेरी में कंप्यूटर और किताबें उपलब्ध कराने तथा स्कूलों से संबंधित समस्याओं पर ध्यान देने का आग्रह किया। बैठक में मुखियाओं ने भी अपने-अपने क्षेत्र की जरूरतों और विकास योजनाओं से जुड़े सुझाव रखे।
बैठक में उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन, संबंधित विभागों के अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और विभिन्न पंचायतों के मुखिया उपस्थित रहे।
स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, धनबाद। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1301, दिनांक 16 अक्टूबर 2026।

