Dhanbad DMFT Schemes: विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार पर उपायुक्त आदित्य रंजन नाराज, अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम

Dhanbad DMFT Schemes: विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार पर उपायुक्त आदित्य रंजन नाराज, अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम

विकास कार्यों की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी

धनबाद। जिले में डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट), सीएसआर और अनटाइड फंड के तहत संचालित विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने समीक्षा बैठक की। 7 नवंबर को जिला विकास शाखा के कर्मचारियों और डीएमएफटी पीएमयू के साथ आयोजित इस बैठक में विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, कार्यों की गति और लंबित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान कई कार्यों की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का काम अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है, उनमें तेजी लाई जाए। साथ ही सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

DMFT, CSR और अनटाइड फंड की योजनाओं की समीक्षा

बैठक में जिले में डीएमएफटी, सीएसआर और अनटाइड फंड के माध्यम से संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की मौजूदा प्रगति और लंबित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन तय मानकों और समय-सीमा के अनुसार हो।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं को केवल कागजों पर आगे बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका वास्तविक काम निर्धारित समय पर पूरा होना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों और कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया गया।

धीमी गति वाले कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

समीक्षा के दौरान जिन योजनाओं की प्रगति धीमी पाई गई, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। योजनाओं को समय पर पूरा करने के साथ निर्माण और क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने का निर्देश दिया गया।

योजनाओं की निगरानी के लिए गठित होंगी टीमें

विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का आकलन करने के लिए उपायुक्त ने विभिन्न निगरानी टीमों के गठन का निर्देश दिया। ये टीमें संबंधित स्थलों पर जाकर संचालित योजनाओं का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के दौरान काम की वास्तविक प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन की जांच की जाएगी।

गठित टीमें स्थल निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इससे योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी मिलेगी और जहां काम में देरी या गुणवत्ता से जुड़ी समस्या होगी, वहां आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।

समय पर और गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना प्राथमिकता

उपायुक्त आदित्य रंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास योजनाओं की नियमित और प्रभावी निगरानी की जाए। उन्होंने कार्यों की प्रगति में पारदर्शिता बनाए रखने और तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने पर जोर दिया।

जिला प्रशासन का उद्देश्य डीएमएफटी, सीएसआर और अनटाइड फंड से संचालित योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारना है, ताकि जिले में विकास कार्यों का लाभ लोगों तक पहुंच सके। बैठक में जिला विकास शाखा के कर्मचारी और डीएमएफटी पीएमयू के सदस्य उपस्थित रहे।


Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *