धनबाद। समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में शनिवार को साइबर अपराध अनुसंधान से संबंधित विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं को डिजिटल साक्ष्यों के संकलन, जब्ती और उनकी कानूनी वैधता से जुड़ी तकनीकी जानकारी देना था।
डिजिटल साक्ष्यों की जब्ती और सुरक्षित रखने पर प्रशिक्षण
शिविर में साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव ने साइबर अपराध के मामलों में अनुसंधान के दौरान डिजिटल उपकरणों से जुड़े साक्ष्यों की अहमियत पर जानकारी दी। प्रशिक्षण में फोन, लैपटॉप, टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरणों की जब्ती की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों को बताया गया कि जांच के दौरान डिजिटल उपकरणों की जब्ती निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत की जानी चाहिए, ताकि बाद में न्यायालय में इनसे प्राप्त साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहे।
डिजिटल इमेजिंग की वैज्ञानिक प्रक्रिया पर चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल उपकरणों की इमेजिंग की वैज्ञानिक प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जांच के दौरान प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
साक्ष्यों की प्रक्रिया में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए आधुनिक तकनीकों और अनुसंधान की नई कार्यप्रणालियों की जानकारी भी दी गई।
साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान भी जारी
साइबर डीएसपी ने बताया कि धनबाद जिले में 17 अगस्त से साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि चौपालों का आयोजन कर लोगों को साइबर ठगी और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इस अभियान के माध्यम से आम लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराध से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जा रही है।
आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों पर हुआ विचार-विमर्श
प्रशिक्षण शिविर में नवीन फॉरेंसिक तकनीकों और डिजिटल उपकरणों से संबंधित साक्ष्यों की जब्ती की आधुनिक कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने साइबर अपराध के मामलों में वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान को मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच को अधिक प्रभावी बनाना और न्यायालय में डिजिटल साक्ष्यों की साक्ष्यात्मक वैल्यू को मजबूत करना रहा, ताकि साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और पुख्ता बनाया जा सके।

