रणधीर वर्मा चौक पर भाकपा माले और आइसा का प्रदर्शन
धनबाद। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भाकपा माले ने धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आइसा से जुड़े छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का हवाला देकर लगाए आरोप
प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले नेताओं ने इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। नेताओं ने दावा किया कि रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश में मतों की कथित लूट का मामला स्पष्ट हुआ है।
हालिया इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्टों में चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची और नए मतदाताओं से जुड़े कुछ फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। वहीं, चुनाव आयोग ने इन फैसलों को पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय बताया है।
भाकपा माले ने इन्हीं मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और मामले की जांच की मांग की।
मतदान के अधिकार को लेकर जताई चिंता
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान का अधिकार महत्वपूर्ण है। नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवादों के कारण लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।
माले नेताओं ने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर उनकी पार्टी की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया गया था। पार्टी के अनुसार, उस प्रदर्शन के दौरान पार्टी महासचिव, किसान नेता पुरुषोत्तम शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, बुद्धिजीवी जोगेंद्र जाधव और छात्र नेता नेहा समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और जांच की मांग
प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच कराने की मांग भी उठाई गई।
पार्टी नेताओं ने बिहार और पश्चिम बंगाल समेत उन राज्यों में दोबारा चुनाव कराने की मांग की, जहां उनके अनुसार विवादित चुनावी प्रक्रिया अपनाई गई।
हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और संबंधित फैसलों को लेकर अपनी प्रक्रिया का बचाव किया है। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए नामों को लेकर भी आयोग और राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
झारखंड से दिल्ली तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
भाकपा माले नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। पार्टी ने इसे झारखंड से लेकर दिल्ली तक ले जाने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं और छात्र संगठनों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और संबंधित आरोपों की जांच की मांग दोहराई।

