धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ धनबाद कोर्ट में शिकायतवाद
धनबाद। बागेश्वर सरकार के नाम से चर्चित पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ धनबाद की अदालत में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में शिकायतवाद दायर किया गया है। भागा बांध पटेल नगर निवासी मिथुन यादव ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में शिकायतवाद दाखिल कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और वृंदावन को लेकर की गई कथित टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
मध्य प्रदेश के कार्यक्रम में कथित टिप्पणी का आरोप
शिकायतवाद के अनुसार, मध्य प्रदेश के करेरा, जिला शिवपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण और वृंदावन के संदर्भ में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मिथुन यादव का आरोप है कि इस टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे में उनसे जुड़ी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से मामले में कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
सोशल मीडिया वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अदालत में पेश
मिथुन यादव ने शिकायतवाद के समर्थन में सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया है कि प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए मामले में संज्ञान लिया जाए और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल ये सभी बातें शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
18 दिसंबर 2026 को दर्ज होगा शिकायतकर्ता का बयान
अदालत ने शिकायतवाद को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने की तारीख तय कर दी है। मिथुन यादव का बयान 18 दिसंबर 2026 को दर्ज किया जाएगा। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुशील कुमार ने अदालत में पैरवी की।
अब मामले में अगली प्रक्रिया शिकायतकर्ता के बयान और अदालत के समक्ष रखे गए साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि शिकायतवाद दायर होना अपने आप में आरोपों की पुष्टि या किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया जाना नहीं है।

