धनबाद: बारामुड़ी खटाल में रह रहे परिवारों की समस्याएं सुनने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी परेशानियों की जानकारी ली।
इस दौरान संतोष कुमार सिंह ने कहा कि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के आवास और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के सामने उठाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले वहां रहने वाले लोगों की समस्याओं, पुनर्वास और रोजगार से जुड़े पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए।
पुनर्वास और आजीविका के समाधान की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि बारामुड़ी खटाल का मामला केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवारों की रोजी-रोटी, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार, प्रभावित परिवारों की बात सुने बिना और उचित वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने, प्रभावित परिवारों की समस्याओं की गंभीरता से जांच करने और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की।
वर्ष 2005 में बारामुड़ी में बसाने का किया दावा
संतोष कुमार सिंह ने अपने बयान में कहा कि वर्ष 2005 में कांग्रेस के तत्कालीन सांसद ददई दुबे के प्रयासों से बेकारबांध से खटाल को बारामुड़ी में बसाया गया था। उन्होंने इसी संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में वहां रह रहे परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रभावित परिवारों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाती रहेगी।
प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से प्रभावित परिवारों की स्थिति की जांच करने तथा पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था पर उचित निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी इस मुद्दे पर प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने को कहा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन के समक्ष उठाएगी और न्यायसंगत समाधान होने तक अपनी मांग जारी रखेगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये कांग्रेस नेता रहे मौजूद
बारामुड़ी खटाल पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मनोज यादव, योगेंद्र सिंह योगी, दिनेश यादव, मृत्युंजय सिंह, आदित्य सिंह, ऋषिकांत यादव, गंगा वाल्मीकि, बबलू दास और सूरज वर्मा समेत अन्य कांग्रेसजन मौजूद थे।


