धनबाद: सदर अंचल के बारामुड़ी मौजा में वर्षों से रह रहे करीब 200 परिवारों को मकान खाली करने संबंधी नोटिस दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बैकवर्ड क्लास (ओबीसी) कोल एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने इस मामले पर गंभीर चिंता जताई है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को जिला अध्यक्ष मदन राम की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रभावित परिवारों के आवास और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। संगठन ने निर्णय लिया कि मामले से राज्य सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित आयोग के पदाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में रह रहे परिवारों के सामने मकान खाली करने के नोटिस के कारण आवास और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। संगठन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित परिवारों का पक्ष सुनकर उचित समाधान निकालने की मांग करने का निर्णय लिया है।
करीब 200 परिवारों के भविष्य पर जताई चिंता
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि बारामुड़ी में रहने वाले कई परिवार वर्षों से इसी क्षेत्र में रहकर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में मकान खाली करने संबंधी नोटिस मिलने से उनके बीच भय और अनिश्चितता की स्थिति बन रही है।
एसोसिएशन ने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों को उसकी वजह और आगे की प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। संगठन के अनुसार, आवास और आजीविका से जुड़े पहलुओं पर विचार करते हुए नियमानुसार प्रभावित लोगों की बात भी सुनी जानी चाहिए।
हालांकि, मकान खाली करने के नोटिस से संबंधित प्रशासनिक पक्ष और प्रभावित परिवारों की पात्रता या पुनर्वास को लेकर आधिकारिक निर्णय की जानकारी इस प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को सौंपेंगे मांग
एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस मामले से झारखंड के मुख्यमंत्री, धनबाद के उपायुक्त, सतना के सांसद गणेश सिंह और झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव को अवगत कराया जाएगा।
संगठन संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से आग्रह करेगा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, प्रभावित परिवारों के आवास, पुनर्वास और आजीविका से जुड़े पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए, ताकि उचित समाधान निकल सके।
एसोसिएशन ने कहा कि गरीब, वंचित और पिछड़े वर्ग के परिवारों के हितों की रक्षा के लिए वह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
न्याय नहीं मिला तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि सरकार और संबंधित प्रशासन मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेकर उचित पहल नहीं करते हैं, तो एसोसिएशन प्रभावित परिवारों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन कर सकता है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना और मामले का शांतिपूर्ण एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित कराना है। एसोसिएशन ने प्रशासन से आग्रह किया है कि कार्रवाई से प्रभावित होने वाले परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाए।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मदन राम ने की। इस दौरान रामनाथ गोप, सुबोध वर्मा, मनीष सिंह, राजकुमार साहू, महफूज आलम और सदरे आलम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। बैठक में बारामुड़ी के परिवारों को मकान खाली करने के नोटिस से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा करते हुए आगे की रणनीति तय की गई।

