धनबाद। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को धनबाद समेत पूरे झारखंड में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ दो दिवसीय वार्ता विफल होने के बाद बैंककर्मियों ने एक दिवसीय हड़ताल का रास्ता अपनाया।
हड़ताल का असर धनबाद के कई प्रमुख इलाकों में देखने को मिला। हीरापुर, बैंक मोड़, पुलिस लाइन, सरायढेला और मटकुरिया समेत विभिन्न क्षेत्रों में बैंक कर्मचारी सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन व नारेबाजी की।
5-डे बैंकिंग लागू करने की मांग
हड़ताल कर रहे बैंककर्मियों की प्रमुख मांग बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह यानी 5-डे बैंकिंग लागू करने की है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि इस मुद्दे पर पहले ही सहमति बन चुकी है, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
हीरापुर इंडियन बैंक के अधिकारी विवेक कुमार ने कहा कि 5-डे बैंकिंग को लेकर सरकार के साथ करीब दो साल पहले समझौता हुआ था। इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। उनका कहना है कि बार-बार केवल मामला विचाराधीन होने की बात कही जा रही है।
धनबाद में 250 से 300 करोड़ के कारोबार पर असर का दावा
हड़ताल के कारण जिले में बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। विवेक कुमार के अनुसार, धनबाद जिले की 200 से अधिक बैंक शाखाएं बंद रहने से करीब 250 से 300 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
बैंक शाखाओं में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण सामान्य बैंकिंग कामकाज नहीं हो सका। हालांकि ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग जैसी सेवाएं चालू रखी गईं।
PLI की विसंगतियां दूर करने की भी मांग
इंडियन बैंक के संगठन सचिव राजीव कुमार रंजन ने बैंकों में 5-डे बैंकिंग को जल्द लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एलआईसी की तर्ज पर बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए।
इसके अलावा बैंक यूनियनों ने PLI यानी Performance Linked Incentive में मौजूद विसंगतियों को दूर करने की मांग भी उठाई। यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर उचित समाधान किया जाना चाहिए।
मांगें नहीं मानीं तो आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी है। यूनियन नेताओं के अनुसार, आगे तीन दिवसीय हड़ताल और उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प अपनाया जा सकता है।
हड़ताल में UFBU से संबद्ध सात प्रमुख यूनियनों के सदस्य शामिल रहे। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF शामिल हैं।
इन बैंकों की सेवाएं भी रहीं प्रभावित
हड़ताल में एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पंजाब एंड सिंध बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे।
इससे बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित हुआ। वहीं, डिजिटल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं उपलब्ध रहने से ग्राहकों को कुछ वैकल्पिक सुविधाएं मिलती रहीं।

