धनबाद। जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में शनिवार को शिक्षक दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी केंद्रों के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजन के दौरान बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उनमें सीखने की रुचि बढ़ाना रहा।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के योगदान को किया गया याद

शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों, आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका और पोषण सखी ने भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
बच्चों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने तथा शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और व्यवहार भी जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बच्चों को शिक्षा और अच्छे व्यवहार की दी जानकारी
कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और अच्छे व्यवहार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका और पोषण सखी ने बच्चों को सरल तरीके से इन विषयों को समझाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में सीखने और भागीदारी का उत्साह देखने को मिला। आयोजन ने बच्चों को शिक्षा से जुड़े विषयों को समझने के साथ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी दिया।
बच्चों ने कलाकृतियां बनाकर दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों ने विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां तैयार कीं। बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए तैयार की गई कलाकृतियों को प्रस्तुत किया।
इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक कार्यों में भाग लेने और अपनी प्रतिभा को सामने रखने का अवसर मिला। आंगनवाड़ी केंद्रों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
सीखने और अच्छे संस्कार की भावना को मिला बढ़ावा
शिक्षक दिवस के आयोजन से जिले के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का वातावरण उत्साह, स्नेह और सीखने की भावना से भर गया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ रचनात्मकता और अच्छे संस्कारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
आयोजन का उद्देश्य बच्चों के अच्छे व्यवहार और अनुशासन की नींव मजबूत करना भी रहा। इस दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक गतिविधियों में हिस्सा लिया और शिक्षक दिवस के महत्व को समझा।

