धनबाद। बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को डीएवी कोयला नगर, धनबाद में साइबर सुरक्षा एवं साइबर अपराध विषय पर जागरूकता सह काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डीएसपी मुख्यालय, धनबाद की ओर से किया गया।
कार्यक्रम में कक्षा 11वीं के करीब 350 विद्यार्थियों ने दो सत्रों में हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, सोशल मीडिया के सावधानीपूर्वक इस्तेमाल और साइबर ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों से किया जागरूकता फैलाने का आग्रह

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती डोलन चम्पा बैनर्जी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल मोबाइल का सही इस्तेमाल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सीमित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपना पता, फोन नंबर, स्कूल की दिनचर्या, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं करनी चाहिए।
प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों से देश के भविष्य के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने और डिजिटल दुनिया में सतर्क नागरिक बनने का आह्वान किया।
फिशिंग और OTP फ्रॉड से बचने के बताए तरीके
सत्र के दौरान डीएसपी मुख्यालय-1, धनबाद विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, फर्जी लिंक और OTP से जुड़ी ठगी के तरीकों के बारे में विद्यार्थियों को समझाया।
विद्यार्थियों को बताया गया कि अपना OTP, PIN, पासवर्ड और अन्य व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल और मैसेज से भी सावधान रहने की सलाह दी गई।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह
डीएसपी विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि निजी तस्वीरों और व्यक्तिगत जानकारियों को सार्वजनिक करने से बचना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि यदि कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाए तो घबराने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। समय पर सूचना देने से मामले में कार्रवाई करना आसान हो सकता है।
छात्रों ने पूछे साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। सत्र के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका डीएसपी मुख्यालय की ओर से सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यालय के शिक्षक पवन कुमार तिवारी ने किया। इस दौरान विद्यालय के वरीय शिक्षक भी मौजूद रहे।

