दरभंगा स्नातक सीट की मतगणना पर तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल
दरभंगा। बिहार विधान परिषद की दरभंगा स्नातक निर्वाचन सीट की मतगणना के दौरान राजनीतिक विवाद गहरा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके उम्मीदवार को हराने के लिए करीब 10 प्रतिशत मतों को अवैध घोषित किया गया है। उन्होंने दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में हो रही देरी पर भी आपत्ति जताई और चुनाव आयोग से पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
तेजस्वी यादव के आरोपों के बीच मतगणना केंद्र पर भाजपा और राजद के काउंटिंग एजेंटों के बीच विवाद की खबरें भी सामने आईं। बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पांच लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई।
एक्स पर पोस्ट कर चुनाव आयोग से की निष्पक्षता की मांग
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दावा किया कि दरभंगा स्नातक सीट की मतगणना में लगभग 10 प्रतिशत मत अवैध घोषित किए गए, ताकि राजद उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाया जा सके।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 24 घंटे बीतने के बाद भी दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में देरी हो रही है। तेजस्वी ने भाजपा और चुनाव आयोग को लेकर भी टिप्पणी की और आयोग से मतगणना में पारदर्शिता बनाए रखने की अपील की।
हालांकि, मतों को किसी प्रत्याशी को हराने के उद्देश्य से अवैध घोषित करने के तेजस्वी यादव के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में चुनाव आयोग और संबंधित प्रशासन की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
मतगणना केंद्र पर विवाद, पांच लोग हिरासत में
दरभंगा स्नातक सीट की मतगणना के दौरान वैध और अवैध मतों को लेकर भाजपा तथा राजद के काउंटिंग एजेंटों के बीच मंगलवार से ही तनातनी चल रही थी। बुधवार को विवाद बढ़ने के बाद मतगणना केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई।
मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी कौशल कुमार के आदेश पर पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। बताया गया कि इनमें भाजपा और राजद के काउंटिंग एजेंट शामिल थे। हंगामे के बाद मतगणना केंद्र के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
मतगणना केंद्र पर विवाद और हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सर्वेश कुमार और अनिल कुमार झा के बीच कड़ा मुकाबला
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार और राजद समर्थित उम्मीदवार अनिल कुमार झा के बीच मुकाबला कड़ा बना हुआ था। शुरुआती मतगणना में सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन जीत के लिए आवश्यक मतों का आंकड़ा हासिल नहीं होने के कारण परिणाम घोषित नहीं हो सका।
बुधवार देर शाम तक दसवें राउंड की मतगणना के बाद भी अंतिम नतीजा स्पष्ट नहीं हुआ था। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पहली वरीयता के मतों में सर्वेश कुमार को 16,115 और अनिल कुमार झा को 14,615 मत मिले थे। इसके बावजूद दोनों में से कोई भी जीत के लिए जरूरी मतों की संख्या तक नहीं पहुंच पाया था।
दूसरी वरीयता के मतों से तय होना था परिणाम
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाता उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में वरीयता देते हैं। यदि पहली वरीयता के मतों से कोई उम्मीदवार निर्धारित जीत का आंकड़ा हासिल नहीं कर पाता, तो लागू नियमों के अनुसार अगली वरीयताओं के मतों की गिनती की जाती है।
दरभंगा स्नातक सीट पर भी इसी प्रक्रिया के तहत दूसरी वरीयता के मतों की गणना जारी थी। इस प्रक्रिया में समय लगने के कारण अंतिम परिणाम घोषित होने में देरी हुई। इसी बीच मतों की वैधता और गिनती की गति को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
अब इस विवाद में मतगणना की आधिकारिक प्रक्रिया, प्रशासन की प्रतिक्रिया और अंतिम परिणाम महत्वपूर्ण होंगे। तेजस्वी यादव ने जहां पारदर्शिता की मांग उठाई है, वहीं उनके आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक तथ्यों का सामने आना जरूरी है।

