दरभंगा: बिहार विधान परिषद की दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी अनिल कुमार झा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार और मौजूदा विधान पार्षद सर्वेश कुमार सिंह को 4,010 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान अधिकांश समय सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन दूसरी वरीयता के मतों की गणना और हस्तांतरण के बाद चुनाव का परिणाम बदल गया।
मतगणना की प्रक्रिया करीब 60 घंटे तक चली। अंतिम चरण में मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया था। एलिमिनेशन राउंड में जब तीन प्रत्याशी शेष थे, तब भी सर्वेश कुमार 1,046 मतों से आगे बताए जा रहे थे। हालांकि, जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज के मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के मतों की गणना के बाद अनिल झा ने बढ़त हासिल कर ली और अंततः जीत दर्ज की।
शुरुआत से बढ़त बनाए हुए थे भाजपा प्रत्याशी
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार सिंह ज्यादातर समय अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे रहे। पहली वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद भी उनकी बढ़त बनी हुई थी। हालांकि, आवश्यक जीत का कोटा पूरा नहीं होने के कारण चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए मतगणना की एलिमिनेशन प्रक्रिया अपनाई गई।
इस प्रक्रिया में सबसे कम मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशियों को क्रमशः बाहर किया जाता है। उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के आधार पर पात्र शेष प्रत्याशियों को मत हस्तांतरित किए जाते हैं। इसी प्रक्रिया ने दरभंगा स्नातक सीट के मुकाबले को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया।
दूसरी वरीयता के वोटों ने बदला चुनावी परिणाम
अंतिम तीन प्रत्याशियों के बीच मुकाबले के दौरान सर्वेश कुमार सिंह 1,046 मतों से आगे थे। इसके बाद जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज के मतपत्रों पर दर्ज दूसरी वरीयता के मतों की गणना और हस्तांतरण किया गया।
इस चरण के बाद मतों का समीकरण बदल गया और राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा आगे निकल गए। अंततः उन्होंने सर्वेश कुमार सिंह को 4,010 मतों से हराकर जीत हासिल की। यह परिणाम दर्शाता है कि वरीयता आधारित चुनाव प्रणाली में केवल पहली पसंद के मत ही नहीं, बल्कि आगे की वरीयताओं का हस्तांतरण भी अंतिम नतीजे को प्रभावित कर सकता है।
2020 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते थे सर्वेश कुमार
सर्वेश कुमार सिंह का पिछला चुनावी सफर भी चर्चा में रहा था। वर्ष 2020 के विधान परिषद चुनाव में उन्होंने भाजपा से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्होंने जदयू प्रत्याशी दिलीप चौधरी को हराकर पहली बार विधान परिषद में प्रवेश किया था।
इस बार सर्वेश कुमार भाजपा के उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे। मतगणना के अधिकांश समय बढ़त बनाए रखने के बावजूद दूसरी वरीयता के मतों की गणना के बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
करीब 60 घंटे बाद घोषित हुआ परिणाम
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना करीब 60 घंटे तक चली। लंबी प्रक्रिया और अंतिम चरण में मतों के हस्तांतरण के बाद अनिल कुमार झा की जीत तय हुई। उन्होंने भाजपा के सर्वेश कुमार सिंह को 4,010 मतों से पराजित किया।
इस चुनाव परिणाम में दूसरी वरीयता के मतों की भूमिका सबसे अहम रही। शुरुआत में बढ़त बनाए रखने वाले भाजपा प्रत्याशी को अंतिम चरण में हार मिली, जबकि राजद प्रत्याशी अनिल झा ने मतगणना के निर्णायक दौर में बाजी पलट दी।

