आरा: भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले की जांच के दौरान एसटीएफ और भोजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह एसटीएफ के सिपाही अक्षय कुमार को आरा से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भरत तिवारी की मां आशा देवी द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों के बाद की गई है।
भाभी का दावा- आत्मसमर्पण के बाद मारी गई गोली
भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि 17 जून को फेसबुक लाइव के दौरान भरत तिवारी ने तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा और तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार के सामने अपना हथियार फेंक दिया था।
उनका आरोप है कि अधिकारियों ने भरत को उसकी मांगों पर बातचीत का आश्वासन देकर अपनी गाड़ी की ओर ले जाना शुरू किया। इसी दौरान एसटीएफ का जवान अक्षय कुमार करीब 20 मीटर की दूरी से दौड़ते हुए आया।
सुमन देवी के अनुसार, जवान ने कथित तौर पर भरत से कहा, “अब तुम्हें कौन बचाएगा रे…, अपने आप को क्रांतिकारी समझता है न।” इसके बाद उसने भरत को गोली मार दी।
मां की शिकायत के बाद कार्रवाई
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पहले ही एसटीएफ जवान अक्षय कुमार पर हत्या का आरोप लगाया था। इसी शिकायत के आधार पर चल रही जांच के क्रम में संयुक्त टीम ने आरोपी जवान को गिरफ्तार किया है।
जांच जारी
पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार एसटीएफ जवान से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
फिलहाल भाभी और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

