BCCL ने भू-धंसान-प्रवण क्षेत्र से हटने की दी सलाह
गोविंदपुर। BCCL के NAKC गोविंदपुर क्षेत्र की ओर से जारी अति आवश्यक सूचना के बाद इलाके में रहने वाले लोगों के बीच विस्थापन और पुनर्वास को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नोटिस में क्षेत्र को भू-धंसान-प्रवण क्षेत्र बताते हुए यहां रह रहे लोगों से स्थान खाली कर सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की गई है। BCCL की ओर से लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि नोटिस जारी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि उन्हें वर्तमान स्थान से हटाया जाता है, तो उन्हें पुनर्वास के लिए आखिर कहां बसाया जाएगा।
R&R Policy में मुआवजे का प्रावधान, लेकिन पुनर्वास स्थल पर सवाल
BCCL के नोटिस में विस्थापन एवं पुनर्वास नीति यानी R&R Policy का उल्लेख किया गया है। इसके तहत पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिए जाने का प्रावधान बताया गया है।
लेकिन स्थानीय लोगों के बीच पुनर्वास स्थल को लेकर स्पष्टता नहीं है। लोगों का कहना है कि केवल क्षेत्र खाली करने की अपील से उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्हें यह जानकारी भी मिलनी चाहिए कि पात्र परिवारों को किस स्थान पर बसाया जाएगा और पुनर्वास की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भू-धंसान की आशंका को लेकर पहले से ही क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल है। अब विस्थापन का नोटिस मिलने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है।
संपर्क नंबर जारी, कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप
नोटिस में जानकारी के लिए Personnel Manager (HR), NAKC, Govindpur Area, आलोक रंजन राय का मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं की गई। इसके कारण उन्हें विस्थापन, पुनर्वास और मुआवजे से संबंधित जरूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
लोगों का कहना है कि जब प्रबंधन की ओर से क्षेत्र खाली करने की अपील की जा रही है, तो प्रभावित परिवारों के सवालों का जवाब देने के लिए स्पष्ट और सुलभ व्यवस्था भी होनी चाहिए।
पुनर्वास स्थल और मुआवजे की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
स्थानीय लोगों ने BCCL प्रबंधन से पुनर्वास स्थल, मुआवजे की प्रक्रिया, पात्रता और विस्थापन की समयसीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
लोग चाहते हैं कि प्रबंधन यह बताए कि प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था कहां की जाएगी और पुनर्वास की प्रक्रिया कब से शुरू होगी।
उनका कहना है कि स्पष्ट जानकारी मिलने से लोगों के बीच बना डर और असमंजस कम हो सकता है।
लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल- सुरक्षित बसाया कहां जाएगा?
BCCL के नोटिस के बाद स्थानीय लोगों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि वर्तमान क्षेत्र भू-धंसान के लिहाज से असुरक्षित है और लोगों को यहां से हटने की सलाह दी जा रही है, तो उन्हें सुरक्षित रूप से बसाया कहां जाएगा।
फिलहाल स्थानीय लोग पुनर्वास स्थल और विस्थापन की प्रक्रिया को लेकर BCCL प्रबंधन की स्पष्ट जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रबंधन की ओर से इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही प्रभावित परिवारों की स्थिति और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: पुनर्वास स्थल की जानकारी नहीं मिलने और जारी संपर्क नंबर पर कॉल रिसीव नहीं होने से जुड़े दावे स्थानीय लोगों के आरोप/कथन पर आधारित हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।

