धनबाद: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के विरोध में आजसू छात्र संघ के कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर आंदोलन शुरू करते हुए प्रशासन के खिलाफ कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच, पीएचडी प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करना और आउटसोर्सिंग से संबंधित पुरानी निविदा को रद्द करना शामिल है।
विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर शुरू किया आंदोलन
आजसू छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर के प्रवेश द्वार पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। प्रदेश महासचिव विशाल महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर छात्र संघ लंबे समय से सवाल उठा रहा है। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार की वित्तीय गड़बड़ियां हो रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से इन मुद्दों पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग
विशाल महतो ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पीएचडी प्रवेश परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जा रहा है। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है। छात्र संघ की मांग है कि इस संबंध में जल्द अधिसूचना जारी की जाए, ताकि अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।
सीनेट बैठक और दीक्षांत समारोह पर जवाब मांगा
आजसू छात्र संघ ने सीनेट बैठक और दीक्षांत समारोह से जुड़े मुद्दों को भी उठाया है। विशाल महतो के अनुसार, इन विषयों को लेकर पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को आवेदन सौंपा गया था, लेकिन अब तक उस पर कोई लिखित जवाब नहीं मिला है। छात्र संघ ने प्रशासन से इन मामलों में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।
आउटसोर्सिंग निविदा रद्द कर नई प्रक्रिया अपनाने की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि पहले जारी की गई आउटसोर्सिंग निविदा को निरस्त किया जाए। इसके बाद झारखंड सरकार की ओर से निर्धारित नवीनतम न्यूनतम मजदूरी और वीडीए की संशोधित दरों के आधार पर नई निविदा आमंत्रित की जाए। छात्र संघ का कहना है कि निविदा प्रक्रिया में श्रमिकों के निर्धारित वेतन और अन्य नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।
एमएसएमई और श्रम सहकारी समितियों को छूट देने की मांग
आजसू छात्र संघ ने केंद्र और राज्य सरकार की प्रचलित नीतियों तथा सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के प्रावधानों के अनुरूप पात्र एमएसएमई इकाइयों और श्रम सहकारी समितियों को नियमानुसार छूट देने की मांग की है। इसमें टर्नओवर, कार्यानुभव और ईएमडी से संबंधित छूट शामिल है, ताकि छोटी इकाइयों और श्रम सहकारी समितियों को निविदा प्रक्रिया में निष्पक्ष भागीदारी का अवसर मिल सके।
विशाल महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है।

