धनबाद/सिंदरी: औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला सिंदरी इन दिनों खराब सड़कों और जगह-जगह बने बड़े गड्ढों की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के बाद कई सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया है, जबकि आसपास की सड़कें कीचड़ से प्रभावित हैं। ऐसे में वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि सड़कों की स्थिति के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई प्रमुख रास्तों पर गड्ढे इतने बड़े हैं कि बारिश के दौरान उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
कई प्रमुख सड़कों पर बने हैं बड़े गड्ढे
सिंदरी के कई हिस्सों में सड़क की खराब स्थिति देखने को मिल रही है। कुआंर सिंह चौक से एफसीआईएल के बंद पड़े मुख्य अस्पताल की ओर जाने वाली सड़क, टेंपो स्टैंड से रोडाबांध अंबेडकर चौक तक का रास्ता, विद्यामंदिर स्कूल के सामने की सड़क और मिलन मोड़ से गुरुद्वारा रोड तक जगह-जगह गड्ढे बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा शहरपुरा भूंजा मोड़, रांगामाटी में मदर टेरेसा स्कूल के आसपास और रांगामाटी डीएवी स्कूल के सामने भी सड़क की स्थिति खराब होने की शिकायत है।
बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी जमा होने से वाहन चालकों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
औद्योगिक वाहनों की आवाजाही, फिर भी सड़क की स्थिति खराब
सिंदरी में कई औद्योगिक संस्थान हैं और इनसे जुड़े वाहनों की लगातार आवाजाही शहर की सड़कों पर होती है। एसीसी सिंदरी, हर्ल, एफसीआईएल, सेल और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़े वाहनों का आवागमन इन रास्तों से होता है।
इसके बावजूद स्थानीय लोगों के अनुसार सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को स्थायी रूप से भरने की दिशा में अपेक्षित काम नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर आम राहगीरों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है।
नाली निर्माण के बीच जलजमाव की समस्या
सिंदरी शहर में नाली निर्माण का काम भी चल रहा है। लेकिन स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि सड़कों और घरों के आसपास जमा बारिश के पानी की निकासी इन नालियों से किस तरह होगी।
रोडाबांध में अजय मेडिकल के सामने का क्षेत्र इसका उदाहरण बताया जा रहा है, जहां सड़क पर बारिश का पानी जमा होने की समस्या सामने आ रही है। एक तरफ सड़क पर पानी और गड्ढे हैं, तो दूसरी तरफ जल निकासी के लिए नाली का निर्माण किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और नाली निर्माण की योजना में जल निकासी की व्यवस्था का प्रभावी तालमेल जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या कम हो सके।
गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा
सड़कों पर बने गड्ढों के कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसों का खतरा बना रहता है। रिपोर्ट के अनुसार, एफसीआईएल सिंदरी के संपदाधिकारी देवदास अधिकारी भी सड़क के गड्ढे के कारण दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार गड्ढों को अस्थायी तौर पर भरने के लिए छाई, मिट्टी या ईंट के टुकड़े डाल दिए जाते हैं। हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। लोगों की मांग है कि गड्ढों की स्थायी मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।
स्थायी मरम्मत की मांग
सिंदरी की सड़कों की मौजूदा स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि औद्योगिक नगरी होने के बावजूद शहर की बुनियादी सुविधाओं में सड़क व्यवस्था महत्वपूर्ण है। खराब सड़कें न केवल आवागमन को प्रभावित करती हैं, बल्कि दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ाती हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार एजेंसियां प्रमुख सड़कों का निरीक्षण कर गड्ढों की पहचान करें और बारिश के बाद स्थायी मरम्मत का काम कराएं। साथ ही नाली निर्माण के साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाए।
NEWS ANP के लिए सिंदरी से राज कुमार शर्मा के साथ प्रेम प्रकाश शर्मा की रिपोर्ट।

