आसनसोल: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आसनसोल के रवींद्र भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान को याद किया।
जिलाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिलाधिकारी एस. पोन्नबलम, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, पांडवेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी, रानीगंज के विधायक पार्थ घोष सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र की एकता और पश्चिम बंगाल के गठन में योगदान पर चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पश्चिम बंगाल के गठन और राष्ट्रीय एकता के प्रश्न पर उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
‘एक देश, एक विधान’ के संदेश को किया याद
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में अलग व्यवस्था का विरोध करते हुए “एक देश में एक विधान, एक प्रधान, एक निशान और एक संविधान” का संदेश दिया था। उनके कश्मीर प्रवास, नजरबंदी और बाद में हुई मृत्यु का भी उल्लेख किया गया तथा उनके राष्ट्रहित के प्रति समर्पण को याद किया गया।
राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान उनके जीवन, विचारों और राष्ट्रसेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया।

