लौदोहा/दुर्गापुर: राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन द्वारा अवैध बालू, कोयला और लोहा कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक के गौरबाजार क्षेत्र में वैधता की आड़ में अवैध बालू कारोबार किए जाने के आरोप सामने आए हैं। गुरुवार को इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब ग्रामीणों ने एक बालू लदी गाड़ी को रोककर उसके दस्तावेजों की जांच की।
चालान देखकर चौंक गए ग्रामीण
श्रीकृष्णपुर गांव के युवकों ने जब बालू लदे वाहन के कागजात देखे तो कथित रूप से कई विसंगतियां सामने आईं। ग्रामीणों का दावा है कि चालान फरवरी महीने का था और उसमें परिवहन का माध्यम ट्रैक्टर दर्ज था, जबकि मौके पर पकड़ा गया वाहन 16 चक्कों वाला भारी ट्रक था।
ओवरलोडेड वाहनों से सड़क को नुकसान
ग्रामीणों का आरोप है कि जिला परिषद की जिस सड़क पर अधिकतम 10 टन भार वाले वाहनों के संचालन की अनुमति है, वहां 30 से 35 टन बालू लदे भारी वाहन लगातार चल रहे हैं। इससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
युवकों को हिरासत में लेने पर बढ़ा विरोध
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध परिवहन की जानकारी देने और वाहन पकड़ने के बजाय पुलिस ने गांव के चार युवकों को ही हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने फरीदपुर थाना के समक्ष प्रदर्शन किया और युवकों की रिहाई के साथ कथित अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की।
कारोबारी ने दी सफाई
बालू कारोबारी सजल कांति दत्त ने कहा कि क्षेत्र में संचालित बालू ग्रेडेशन यूनिट सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ वैध तरीके से काम कर रहे हैं। हालांकि बैकडेटेड चालान और भारी वाहनों के संचालन को लेकर उठे सवालों पर वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व में इस सड़क पर 10 टन से अधिक भार वाले वाहन चले हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासी चिरंजित राउत ने कहा कि ग्रामीणों को वैध कारोबार से कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि इससे कई लोगों की आजीविका जुड़ी है। लेकिन वैधता की आड़ में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि लगातार भारी वाहनों के चलने से सड़क की हालत खराब हो चुकी है और बच्चों तथा आम लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध परिवहन पर रोक लगाने तथा सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है।

