नई दिल्ली/कृषि डेस्क: खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मशीनों में खराबी आने पर किसानों को समय पर मरम्मत नहीं मिल पाने से खेती का काम प्रभावित होता है। इस समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग कृषि यंत्रों की मरम्मत और तकनीकी सहायता का मजबूत नेटवर्क विकसित करने की तैयारी कर रहा है। योजना के तहत गांवों में प्रशिक्षित मैकेनिक उपलब्ध कराने और कृषि अभियंत्रण कार्यशाला को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
कृषि यंत्र प्रबंधन केंद्र के रूप में विकसित होगी कार्यशाला
प्रस्ताव के अनुसार कृषि अभियंत्रण कार्यशाला को केवल मरम्मत केंद्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां कृषि यंत्रों की तकनीकी जांच, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता, प्रशिक्षण और गुणवत्ता परीक्षण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों को एक ही स्थान पर कई तरह की सेवाएं मिल सकेंगी।
हर प्रखंड में तैयार होंगे मास्टर ट्रेनर
कृषि अभियंत्रण उपनिदेशक अजीत कुमार के अनुसार प्रत्येक प्रखंड में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। ये प्रशिक्षित तकनीशियन स्थानीय स्तर पर किसानों को कृषि यंत्रों के संचालन, रखरखाव और मरम्मत में सहायता देंगे, जिससे मशीन खराब होने पर तुरंत तकनीकी मदद मिल सकेगी।
निजी मैकेनिकों को मिलेगा प्रशिक्षण
योजना के तहत पहले से कार्यरत निजी मैकेनिकों को विशेष प्रशिक्षण देकर अधिकृत सर्विस पार्टनर बनाया जाएगा। इससे किसानों को दूर-दराज के अधिकृत सर्विस सेंटरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर मरम्मत सुविधा उपलब्ध होगी।
हर माह होगा प्रायोगिक प्रशिक्षण
कृषि यंत्रों की मरम्मत और संचालन से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रत्येक माह आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसमें आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को प्रमाणपत्र देकर रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।
महंगे कृषि यंत्र खरीदने वालों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
महंगे कृषि यंत्र खरीदने वाले किसानों के लिए एक से दो दिन का संचालन एवं रखरखाव प्रशिक्षण अनिवार्य करने की भी योजना है। इससे मशीनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और समय पर रखरखाव के कारण खराबी की संभावना कम होगी।
खेत तक पहुंचेगी मोबाइल रिपेयरिंग वैन
बोआई और कटाई जैसे व्यस्त कृषि सीजन में मशीन खराब होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल रिपेयरिंग वैन सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है। यह वैन सीधे खेत तक पहुंचकर कृषि यंत्रों की मरम्मत करेगी, जिससे किसानों का समय और लागत दोनों बचेंगे।
किसानों और युवाओं दोनों को होगा लाभ
योजना लागू होने से किसानों को समय पर तकनीकी सहायता मिलेगी, खेती का काम बाधित नहीं होगा और मशीनों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। वहीं ग्रामीण युवाओं को कृषि यंत्रों की मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

