ABP News Layoffs: नेहा राठौर से जुड़ी खबर पर विवाद के बाद 3 मीडियाकर्मियों की नौकरी जाने का दावा, डिजिटल टीम पर उठे सवाल

ABP News Layoffs: नेहा राठौर से जुड़ी खबर पर विवाद के बाद 3 मीडियाकर्मियों की नौकरी जाने का दावा, डिजिटल टीम पर उठे सवाल

नेहा राठौर से जुड़ी कथित गलत खबर और वीडियो के प्रकाशन को लेकर एबीपी न्यूज़ के डिजिटल विभाग में कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया है। मीडिया वेबसाइट भड़ास4मीडिया (Bhadas4Media) के अनुसार, इस मामले में एक महिला पत्रकार समेत डिजिटल टीम के तीन कर्मचारियों की नौकरी चली गई है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रबंधन की ओर से कराई गई जांच में खबर के प्रकाशन से जुड़ी चूक सामने आई। हालांकि, इन कर्मचारियों की बर्खास्तगी और जांच के निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए एबीपी न्यूज़ प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

डिजिटल वीडियो हेड की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

भड़ास4मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई की जद में सबसे पहले एबीपी न्यूज़ वीडियोज के डिजिटल हेड आए। रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो प्रकाशित होने से पहले उसकी सामग्री की सत्यता और गुणवत्ता की जांच करना इस पद की अहम जिम्मेदारी होती है।

आरोप है कि संबंधित वीडियो के प्रकाशन से पहले पर्याप्त जांच नहीं की गई। हालांकि, इस मामले में प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान उपलब्ध होने पर ही कार्रवाई के कारणों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

शिफ्ट इंचार्ज पर गलत वीडियो प्रकाशित होने देने का आरोप

रिपोर्ट में डिजिटल वीडियो शिफ्ट इंचार्ज पर भी चूक का आरोप लगाया गया है। दावा किया गया है कि संबंधित कर्मचारी की मंजूरी के बाद ही वीडियो प्रकाशित हुआ और उसके स्तर पर भी खबर की तथ्यात्मक जांच नहीं की गई।

इस मामले ने डिजिटल न्यूज़रूम में संपादकीय निगरानी और प्रकाशन से पहले की जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। किसी भी समाचार संस्थान में खबर तैयार करने से लेकर उसे प्रकाशित करने तक अलग-अलग स्तरों पर सत्यापन की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।

यूट्यूब शॉर्ट्स टीम की महिला कर्मचारी पर भी कार्रवाई का दावा

भड़ास4मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यूट्यूब शॉर्ट्स टीम में शिफ्ट इंचार्ज के रूप में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी पर भी कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौजूद एक पोस्ट और वीडियो को सत्यापित किए बिना सही मान लिया और उसे प्रकाशित कर दिया।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कर्मचारियों की पहचान, उनका पक्ष और प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर ही मामले के सभी पहलुओं का आकलन किया जा सकता है।

फेक न्यूज से बचने के लिए फैक्ट चेक क्यों जरूरी?

यह मामला डिजिटल पत्रकारिता में खबरों के सत्यापन की अहमियत को रेखांकित करता है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट, वीडियो या दावों को बिना पुष्टि के समाचार के रूप में प्रकाशित करने से गलत सूचना फैल सकती है और संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।

खबर प्रकाशित करने से पहले मूल स्रोत की जांच, वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि, संबंधित पक्ष से प्रतिक्रिया और उपलब्ध तथ्यों का स्वतंत्र सत्यापन जरूरी है। तेजी से खबर देने की प्रतिस्पर्धा में भी तथ्य-जांच और संपादकीय जिम्मेदारी से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

स्रोत: भड़ास4मीडिया की रिपोर्ट। कर्मचारियों की बर्खास्तगी और जांच के निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि इस लेख में उपलब्ध नहीं है।

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