चिरकुंडा में अतिक्रमण हटाने को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
निरसा। चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। बिना पूर्व सूचना अतिक्रमण हटाए जाने का आरोप लगाते हुए नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी (EO) प्रियंका पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों ने प्रेसवार्ता कर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि कार्रवाई से पहले न तो पार्षदों को जानकारी दी गई और न ही नगर परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को विश्वास में लिया गया।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण कार्रवाई से पहले बोर्ड के सदस्यों को जानकारी दी जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि नगर परिषद की ओर से इस संबंध में न तो कोई सूचना दी गई और न ही बोर्ड की बैठक में कोई प्रस्ताव पारित किया गया।
बोर्ड की बैठक में भी नहीं दी गई जानकारी
जनप्रतिनिधियों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से एक दिन पहले ही छठ पूजा और दीपावली को लेकर साफ-सफाई के मुद्दे पर नगर परिषद बोर्ड की बैठक हुई थी। उनका दावा है कि इस बैठक में भी अतिक्रमण हटाने की कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही इस संबंध में कोई प्रस्ताव पारित हुआ।
उन्होंने बताया कि उन्हें कार्रवाई की जानकारी नगर परिषद के लोगों से नहीं, बल्कि आम जनता के माध्यम से मिली। इसके बाद उन्होंने नगर परिषद को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकने की मांग भी की थी। इसके बावजूद कार्रवाई किए जाने को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
गरीब दुकानदारों और ठेले वालों के नुकसान का उठाया मुद्दा
प्रेसवार्ता में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि दीपावली, काली पूजा और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के दौरान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इससे छोटे दुकानदारों, ठेले वालों और गरीब परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानों को तोड़ा गया और कुछ लोगों की झोपड़ियां हटा दी गईं।
जनप्रतिनिधियों का सवाल है कि यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी था, तो प्रभावित लोगों को पहले एक-दो बार नोटिस क्यों नहीं दिया गया? उनका कहना है कि त्योहारों के बाद भी कार्रवाई की जा सकती थी, ताकि छोटे दुकानदारों और गरीब परिवारों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कार्रवाई के दौरान हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा, इस पर भी सवाल उठाया।
अध्यक्ष सुनीता देवी ने EO के खिलाफ शिकायत की कही बात
चिरकुंडा नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता देवी ने कहा कि इस मामले में नगर परिषद के 21 पार्षद, उपाध्यक्ष और अध्यक्ष एकजुट होकर कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि EO के खिलाफ विभागीय अधिकारियों और धनबाद के उपायुक्त को लिखित शिकायत दी जाएगी।
अध्यक्ष ने कार्रवाई को लेकर जनप्रतिनिधियों को जानकारी नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि नगर परिषद से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों और कार्रवाई में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जानकारी देना जरूरी है।
अब विभाग और DC तक पहुंचेगा मामला
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर चिरकुंडा नगर परिषद में जनप्रतिनिधियों और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच विवाद सामने आया है। अध्यक्ष सुनीता देवी ने मामले को विभाग और उपायुक्त के समक्ष उठाने की बात कही है। अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर नगर परिषद की ओर से क्या पक्ष सामने आता है।

